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नागरिकता संसोधन बिल के खिलाफ मणिपुर में प्रदर्शन, विधेयक को बिना शर्त वापस लेने की मांग

Updated at : 04 Oct 2019 12:31 PM (IST)
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नागरिकता संसोधन बिल के खिलाफ मणिपुर में प्रदर्शन, विधेयक को बिना शर्त वापस लेने की मांग

नयी दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नागरिकता संसोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है. कई नागरिक संगठनों ने मणिपुर में नागरिक संसोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. प्रदर्शन की शुरुआत घंटा बजाने से हुई. इसके बाद मानव श्रृखंला बनाकर रैली निकाली गयी. बता दें […]

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नयी दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नागरिकता संसोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है. कई नागरिक संगठनों ने मणिपुर में नागरिक संसोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. प्रदर्शन की शुरुआत घंटा बजाने से हुई. इसके बाद मानव श्रृखंला बनाकर रैली निकाली गयी.

बता दें कि बीते 25 सितंबर को कोहिमा में पूर्वोत्तर मंच की केंद्रीय कार्यकारिणी परिषद् की बैठक हुई थी. इसी में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके नागरिकता संसोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया गया था.

स्थानीय लोगों को सता रहा है अस्तित्व संकट का डर

दरअसल, नागरिकता संसोधन बिल की वजह से मणिपुर के स्थानीय लोगों को अपने अस्तित्व संकट का डर सता रहा है. अगर ये संसोधन विधेयक संसद से पास होता है तो हिन्दुस्तान के पड़ोसी राज्यों के गैर मुसलमान शरणार्थियों को आसानी से यहां की नागरिकता मिल जाएगी. लोगों को डर है कि ऐसा होने से उनके अस्तित्व पर संकट आ जाएगा.

व्यापारियों से लेकर छात्रों तक, सबने किया प्रदर्शन

मणिपुर स्थित एमएएनपीएसी की संयोजक यामनाचा दिलीप ने बताया कि नागरिकता संसोधन विधेयक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में यहां के व्यापारिक मार्केट, स्कूल-कॉलेज के छात्र, लोकल क्लब मेंबर्स, गृहणियां तथा सिविल सोसायटी के लोग बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं. सबने मिलकर ह्यूमन चेन बनाया और रैली निकाली.

दिलीप यामनाचा ने बताया कि लोगों ने पहले बेल बजाई और फिर ह्यूमन चेन बनाया. यहां मौजूद लोगों ने ‘नो इम्पलीमेंटेशन ऑफ कैब इन द नॉर्थ ईस्ट, नो इन्फोर्शमेंट ऑफ कैब इन मणिपुर, इन्टीजीनियस पीपुल ऑफ मणिपुर मस्ट बी सेफगार्ड, मणिपुर जिंदाबाद’ के नारे लगाए.

प्रदर्शनकारियों के हाथों में ये लिखी तख्तियां थीं

प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थीं जिसमें लिखा था, नो कैब (सिटिजनशिप एमेंडमेंट बिल) इन नॉर्थ ईस्ट. साथ ही इन तख्तियों में नागरिकता संसोधन बिल को बिना शर्त वापस लिए जाने की मांग भी लिखी हुई थी.

बता दें कि इन विरोध प्रदर्शनों में मणिपुर के 6 छात्र संगठनों ने भाग लिया. इन छात्रों ने पहाड़ी इलाकों से प्रदर्शन के लिए लोगों से समर्थन जुटाया.

मणिपुर के लोगों का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

एमएएनपीएसी के संयोजक यामनाचा दिलीप ने कहा कि, मणिपुर के लोगों को नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार से सचेत रहना चाहिए. उन्होंने ये बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान के संदर्भ में जो अमित शाह ने नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस की मीटिंग में बीते दिनों कहा था.

अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार नागरिकता संसोधन विधेयक संसद के आने वाले शीतकालीन सत्र में पास करवाने को लेकर प्रतिबद्ध है.

दो बार लोकसभा से पास लेकिन राज्यसभा में अटकी

नागरिकता संसोधन बिल 08 जनवरी 2016 में लोकसभा से पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण ये पास नहीं हो सका. इसी साल फरवरी में नागरिकता संसोधन बिल को जब टेबल पर रखा गया था तो पूर्वी और पश्चिमी इंफाल जिलों में निषेधाज्ञा लागू की गयी थी. हालांकि बिल पारित नहीं हो सका था.

बता दें कि इस बिल के पास होने से 31दिसंबर 2014 से पहले तक भारत आ गए पड़ोसी देश के गैर मुसलमान शरणार्थिो को हिन्दुस्तान की नागरिकता प्रदान की जाएगी.

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