ePaper

अयोध्या मामला : ASI की रिपोर्ट पर सवाल उठाने वाले मुस्लिम पक्ष ने पहले यू-टर्न लिया, फिर माफी मांगी

Updated at : 26 Sep 2019 5:06 PM (IST)
विज्ञापन
अयोध्या मामला : ASI की रिपोर्ट पर सवाल उठाने वाले मुस्लिम पक्ष ने पहले यू-टर्न लिया, फिर माफी मांगी

नयी दिल्ली : अयोध्या भूमि विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकारों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की 2003 की रिपोर्ट के लेखकीय दावे पर सवाल करने को लेकर बृहस्पतिवार को यू-टर्न लिया और मामले में उच्चतम न्यायालय का समय बर्बाद करने के लिए उससे माफी मांगी. मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : अयोध्या भूमि विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकारों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की 2003 की रिपोर्ट के लेखकीय दावे पर सवाल करने को लेकर बृहस्पतिवार को यू-टर्न लिया और मामले में उच्चतम न्यायालय का समय बर्बाद करने के लिए उससे माफी मांगी.

मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि वे एएसआई रिपोर्ट के सारांश के लेखकीय दावे पर सवाल नहीं उठाना चाहते. धवन ने कहा, यह उम्मीद नहीं की जाती है कि हर पृष्ठ पर हस्ताक्षर हों. रिपोर्ट के लेखकीय दावे और सारांश पर सवाल उठाने की आवश्यकता नहीं है. यदि हमने न्यायालय का समय बर्बाद किया है तो हम इसके लिए माफी मांगते हैं.

उन्होंने कहा, जिस रिपोर्ट की बात की जा रही है, उसका एक लेखक है और हम लेखन पर सवाल नहीं उठा रहे हैं. मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने बुधवार को एएसआई की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हर अध्याय एक लेखक ने लिखा है, लेकिन सारांश में किसी का जिक्र नहीं है.

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. पीठ ने कहा कि धवन ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा है कि उन्होंने रिपोर्ट पर सवाल करने का अपना अधिकार छोड़ा नहीं है, लेकिन न्यायालय द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद सबूतों पर संदेह नहीं किया जा सकता. पीठ ने हिंदू एवं मुस्लिम पक्षकारों से कहा कि वे दलीलें पूरी होने की समयसीमा बतायें और 18 अक्तूबर के बाद एक भी अतिरिक्त दिन नहीं दिया जायेगा.

न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा, 18 अक्तूबर के बाद कोई अतिरिक्त दिन नहीं दिया जायेगा. यदि हम इस मामले में चार सप्ताह में फैसला सुना देते हैं तो यह अद्भुत होगा. न्यायालय ने मुस्लिम पक्षकारों से कहा कि वे एएसआई रिपोर्ट पर अपनी दलीलें दिन में ही पूरी करें. उसने कहा कि अक्तूबर में छुट्टियां हैं और चार हिंदू पक्षकारों के केवल एक वकील को प्रत्युत्तर दलीलें देने की अनुमति दी जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola