चुनावी स्याही तीसरे चुनाव में आयी पहली बार

Updated at : 24 Apr 2019 6:50 AM (IST)
विज्ञापन
चुनावी स्याही तीसरे चुनाव में आयी पहली बार

वोटिंग के बाद मतदाता स्याही लगी अंगुली की फोटो सोशल मीडिया पर बेहद गर्व के साथ पोस्ट करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंगुली में स्याही लगाने की शुरुआत 1962 में हुई? दरअसल, 1952 व 57 के चुनावों में एक से अधिक वोट डालने वालों को रोकने में चुनाव आयोग को दिक्कत हुई […]

विज्ञापन
वोटिंग के बाद मतदाता स्याही लगी अंगुली की फोटो सोशल मीडिया पर बेहद गर्व के साथ पोस्ट करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंगुली में स्याही लगाने की शुरुआत 1962 में हुई? दरअसल, 1952 व 57 के चुनावों में एक से अधिक वोट डालने वालों को रोकने में चुनाव आयोग को दिक्कत हुई तो उसने मैसूर की नेशनल फिजिकल लैब से मदद मांगी. लैब ने यह अनूठी स्याही तैयार की. आज भी यही लैब स्याही बनाती है. 35 देशों को भी भेजती है. कंपनी का दावा है कि 5 मिली लीटर स्याही 300 लोगों के लिए काफी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola