आचार संहिता लागू, बदल जाता है प्रशासन, राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी अब काम करेंगे चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह
Updated at : 11 Mar 2019 7:01 AM (IST)
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के लोकसभा चुनाव 2019 का कार्यक्रम घोषित करते ही देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाये गये नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं. आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन […]
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के लोकसभा चुनाव 2019 का कार्यक्रम घोषित करते ही देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाये गये नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं. आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन में कई अहम बदलाव हो जाते हैं.
राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं. आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फायदा पहुंचता हो. सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है. आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किये जा सकते हैं.
किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने की पूर्व अनुमति पुलिस से लेना अनिवार्य होता है. राजनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक भी नियुक्त करता है. कोई भी राजनीतिक दल जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है. ऐसा करने पर चुनाव आयोग दंडात्मक कार्रवाई भी कर सकता है.
निष्पक्ष और निर्विवाद चुनाव संपन्न कराना आचार संहिता का मुख्य मकसद
अनैतिक कार्य करने पर हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निष्पक्ष और निर्विवाद चुनाव संपन्न कराना इसका मुख्य मकसद होता है औऱ इस दौरान सभी राजनेताओं और चुनावी उम्मीदवारों को इन सभी नियमों का पालन करना होता है. आचार संहिता लागू होने के बाद अगर कोई नेता या चुनावी उम्मीदवार मतदाताओं को रिश्वत देते हुए या किसी तरह की अनैतिक कार्य करते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकती है.
निर्मला ने छोड़ा विशेष विमान, व्यावसायिक उड़ान से गयीं
चेन्नई : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नयी दिल्ली पहुंचने के लिए विशेष विमान के बजाए व्यावसायिक उड़ान को चुना क्योंकि लोकसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा होने के साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है.
सीतारमण ने यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया जिस दौरान उन्होंने सरकारी कार और इस्कार्ट वाहनों का भी इस्तेमाल नहीं किया और भाजपा के एक नेता की कार से हवाई अड्डे पहुंचीं. यह जानकारी पार्टी ने दी. मंत्री एक विशेष विमान से रवाना होने वाली थीं लेकिन उनकी रवानगी से ऐन पहले चुनाव आयोग ने सात चरणों में लोकसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी और आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी.
भाजपा ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सीतारमण एक निजी कंपनी के विमान से रात आठ बज कर 40 मिनट पर राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुईं. हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे उन्हें छोड़ने टर्मिनल तक नहीं आएं.
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