साईं के समर्थन में उतरी उमा भारती,शंकराचार्य ने कहा, राजनीति न करें मंत्री

Updated at : 29 Jun 2014 7:49 AM (IST)
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साईं के समर्थन में उतरी उमा भारती,शंकराचार्य ने कहा, राजनीति न करें मंत्री

हरिद्वार: शिरडी के साईं बाबा को लेकर शंकराचार्य स्वरुपानंद के बयान पर उठे विवाद पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने स्वरुपानन्द को पिता तुल्य बताते हुए इस सिलसिले में कुछ भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया किन्तु साथ में यह भी कहा की साईं में उनकी पूरी श्रद्धा है. पत्रकारों से बातचीत […]

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हरिद्वार: शिरडी के साईं बाबा को लेकर शंकराचार्य स्वरुपानंद के बयान पर उठे विवाद पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने स्वरुपानन्द को पिता तुल्य बताते हुए इस सिलसिले में कुछ भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया किन्तु साथ में यह भी कहा की साईं में उनकी पूरी श्रद्धा है.

पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे इस सिलसिले में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं शंकराचार्य स्वरुपानन्द को पिता समान मानती हूं. किन्तु साईं बाबा में मेरी श्रद्धा है. सांई ने कभी घोषित नहीं किया कि वह भगवान हैं. हमारे सनातन धर्म में चौबीस अवतारों को भगवान माना जाता है. साईं भक्तों ने कभी नहीं कहा कि साईं बाबा को पच्चीसवां अवतार मानो.

उमा भारती के बयान पर शंकराचार्य ने कहा कि उमा भारती इस मामले में राजनीति न करें. जनता ने उन्‍हें शासन के लिए चुना है, धार्मिक मामले में उन्‍हें नहीं पड़ना चाहिए. शंकराचार्य स्‍वरूपानंद सरस्‍वती ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती को सलाह देते हुए कहा, उन्‍हें धर्म के मामले में नहीं पड़ना चाहिए.

दूसरी ओर स्वरुपानंद के उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा आदि शंकराचार्य ने जब समाज के शुद्धिकरण का अभियान चलाया था तो उस समय 72 भिन्न मत समाज को धर्म के नाम पर प्रदूषित कर रहे थे आज फिर से समाज का वही हाल है और समाज में धर्म के नाम पर चमत्कार का रोग पनप रहा है, और इस भ्रम से होने वाले अहित को तोड़ना होगा.

उन्‍होंने कहा कि जबरन अनिष्ट का भय दिखा कर लोगों को धर्माचरण से अलग कर चमत्कार का विषाक्त रस पिलाया जा रहा है जो घातक है. यह पूछे जाने पर की कई दशाब्दियों के बाद अचानक सांई पर चर्चा की जरुरत क्यों पड़ी, उन्होंने कहा रोग को फैलने से रोकने का प्रयास है, चर्चा आज से नहीं जब से साईं आस्तित्व में हैं तभी से चल रही है पर इसको मीडिया ने अब उठाया, मीडिया ने ये मुद्दा अभी क्यों उठाया, मै कह नहीं सकता.

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