नयी दिल्ली : कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ कथित छेडछाड़ के मुद्दे पर शुक्रवार को चर्चा की और इससे जुड़ी चिंताओं के निराकरण के लिए सोमवार को चुनाव आयोग का रुख करने का फैसला किया.
विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि ‘ईवीएम के साथ छेड़छाड़’ के मुद्दे पर विपक्ष के नेता सोमवार को चुनाव आयोग के पास जायेंगे. इस बीच, चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने विपक्ष के नेताओं को सोमवार को मिलने का समय दे दिया है. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया शरद पवार, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के एन चंद्रबाबू नायडू, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक की कनिमोई, भाकपा के डी राजा, माकपा के मोहम्मद सलीम एवं केटीके रंगराजन, राजद के मनोज झा, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी शामिल हुए.
इनके अलावा आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के अशोक कुमार सिंह, हम के जीतन राम मांझी, एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल, आईयूएमएल के खुर्रम उमर और टीजेएस के प्रोफेसर कोडांदरम भी इस बैठक में पहुंचे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और एके एंटनी भी इस बैठक में शामिल हुए. गौरतलब है कि कांग्रेस ने कई बार यह मांग उठायी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में ईवीएम के उपयोग के साथ ही वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये.