खुलासा: ओबीसी की सिर्फ 25% जातियां ले रहीं आरक्षण का 97% फायदा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Dec 2018 9:47 AM
नेशनल कंटेंट सेल -कमीशन ऑफ एग्जामिन सब-कैटेगोराइजेशन ऑफ ओबीसी की रिपोर्ट में किया गया खुलासा कमीशन ऑफ एग्जामिन सब-कैटेगोराइजेशन ऑफ ओबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछड़े वर्ग को मिलने वाले आरक्षण में घोर असमानता है. ओबीसी वर्ग की सिर्फ 25 फीसदी जातियां ही 97 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उठा ले जा रही हैं. रिपोर्ट […]
नेशनल कंटेंट सेल
-कमीशन ऑफ एग्जामिन सब-कैटेगोराइजेशन ऑफ ओबीसी की रिपोर्ट में किया गया खुलासा
कमीशन ऑफ एग्जामिन सब-कैटेगोराइजेशन ऑफ ओबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछड़े वर्ग को मिलने वाले आरक्षण में घोर असमानता है. ओबीसी वर्ग की सिर्फ 25 फीसदी जातियां ही 97 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उठा ले जा रही हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि ओबीसी की 983 जातियों का जहां आरक्षण का कोई लाभ नहीं मिला है, वहीं 994 जातियां आरक्षण का सिर्फ 2.68 प्रतिशत का ही लाभ ले पा रही हैं.
कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग में जिन जातियों को सबसे ज्यादा आरक्षण का लाभ मिला है, उनमें यादव, कुर्मी, जाट (राजस्थान का जाट समुदाय सिर्फ भरतपुर और धौलपुर जिले के जाट समुदाय को ही केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में जगह दी गयी है), सैनी, थेवार, एझावा और वोक्कालिगा जैसी जातियां शामिल हैं. मौजूदा रिपोर्ट तैयार करने करने के लिए कमीशन ने ओबीसी कोटा के तहत पिछले पांच सालों के दौरान दी गयीं 1.3 लाख केंद्रीय नौकरियों का अध्ययन किया. इसके साथ ही आयोग ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी, आइआइटी, एनआइटी, आइआइएम और एम्स जैसे संस्थानों में हुए एडमिशन का भी अध्ययन किया.
रिपोर्ट में जो एक और बात निकलकर सामने आयी है, वह यह है कि जिन राज्यों में ओबीसी की जनसंख्या के हिसाब से ज्यादा कोटा दिया गया है, उन्हीं राज्यों में जनसंख्या ज्यादा होने के बावजूद कोटा का लाभ जरुरी लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
1993 में शुरू हुआ था ओबीसी आरक्षण
ओबीसी आरक्षण की शुरुआत 1993 में नरसिंह राव की सरकार के दौरान हुई थी. सरकारी संस्थानों में एडमिशन के लिए ओबीसी को आरक्षण यूपीए वन के कार्यकाल में 2006 में दिया गया.
रिजर्वेशन में ओबीसी उपजातियों का हिस्सा
ओबीसी उपजाति- लाभान्वितों की संख्या का प्रतिशत
10 -24.95
38 -25.04
102 – 25
506 -22.32
994 – 2.68
983 -00
कुल 2633-100
दिल्ली हाइकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस जी रोहिणी हैं अध्यक्ष
कमीशन ऑफ एग्जामिन सब-कैटेगोराइजेशन ऑफ ओबीसी का गठन अक्तूबर, 2017 में किया गया था. पिछले हफ्ते ही इस कमीशन का कार्यकाल 31 मई, 2019 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. दिल्ली हाइकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस जी रोहिणी इसकी अध्यक्ष हैं. उन्होंने अपनी रिपोर्ट सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को भेज दी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










