उत्तराखंड फर्जी मुठभेड़ मामला : 17 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद

Updated at : 10 Jun 2014 8:16 AM (IST)
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उत्तराखंड फर्जी मुठभेड़ मामला : 17 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद

नयी दिल्ली: देहरादून के समीप जंगल में वर्ष 2009 में फर्जी मुठभेड़ में एमबीए के 22 वर्षीय स्नातक को मार डालने के जुर्म में दोषी ठहराये गये उत्तराखंड के 17 पुलिसकर्मियों को सीबीआइ के विशेष जज जेपीएस मलिक ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनायी. इन्हें गाजियाबाद के रणबीर सिंह का अपहरण करने और मार […]

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नयी दिल्ली: देहरादून के समीप जंगल में वर्ष 2009 में फर्जी मुठभेड़ में एमबीए के 22 वर्षीय स्नातक को मार डालने के जुर्म में दोषी ठहराये गये उत्तराखंड के 17 पुलिसकर्मियों को सीबीआइ के विशेष जज जेपीएस मलिक ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनायी. इन्हें गाजियाबाद के रणबीर सिंह का अपहरण करने और मार डालने की साजिश में शामिल होने के लिए छह जून को दोषी ठहराया गया था.

रणबीर तीन जुलाई, 2009 को एक नौकरी के सिलसिले में देहरादून गया था. कोर्ट ने सात पुलिसकर्मियों में से प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. इन सात पुलिसकर्मियों में छह उप निरीक्षक, संतोष कुमार जायसवाल, गोपाल दत्त भट्ट (थाना प्रभारी), राजेश बिष्ट, नीरज कुमार, नितिन कुमार चौहान, चंदर मोहन सिंह रावत और सिपाही अजित सिंह शामिल हैं.

इन्हें रणबीर को मारने का दोषी ठहराया गया था. अदालत ने 10 अन्य पुलिसकर्मियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. ये पुलिसकर्मी रणबीर का अपहरण करने और उसे मारने की साजिश रचने के दोषी ठहराये गये थे. अदालत ने संबद्ध प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि जुर्माने के तौर पर एकत्र राशि रणबीर के परिवार को क्षतिपूर्ति के तौर पर दी जाये. रणबीर ने मेरठ विश्वविद्यालय से एमबीए में स्नातक किया था.

* पुलिसवालों के खिलाफ सीबीआइ ने दाखिल की थी चाजर्शीट

मुठभेड़ के इस मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआइ ने आरोप पत्र दाखिल किया था. सभी को इस सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था कि रणबीर को मोहिनी रोड से पकड़े जाने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने उसे मार गिराया, जहां वह और उसके साथी तीन जुलाई, 2009 को कथित रूप से अपराध करने का प्रयास कर रहे थे.

* गोसाईं ने पेश किया गलत रिकॉर्ड

कोर्ट ने पुलिसकर्मी जसपाल सिंह गोसाईं को सजा से एक व्यक्ति को बचाने के इरादे से गलत रिकॉर्ड पेश करने का दोषी ठहराया. उसे दो साल की सजा सुनायी. सजा की यह अवधि वह पहले ही जेल में भुगत चुका है. कोर्ट ने उसे 50,000 की जमानत तथा इतनी ही राशि का मुचलका भरने का आदेश दिया.

* फैसले से रणबीर के पिता नाखुश, हाइकोर्ट में करेंगे अपील

कोर्ट में मौजूद रणबीर के परिजनों ने फैसले पर नाखुशी जतायी. कहा कि वह इसके खिलाफ हाइकोर्ट में अपील करेंगे. रणबीर की मां ने रोते हुए कहा, मैं जवान बेटे को मार डालनेवाले सभी पुलिसकर्मियों के लिए मौत की सजा चाहती हूं.

* दोषी ठहराये गये 10 पुलिसकर्मी

सिपाही सतबीर सिंह, सुनील सैनी, चंद्रपाल, सौरभ, नागेंद्र राठी, विकास , संजय रावत, मनोज, चालक मोहन व इंद्रभान सिंह को हत्या के लिए अपहरण और हत्या के तहत दोषी ठहराया गया है.

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