नरोदा-पाटिया दंगा : पीड़ित का दर्द, माया कोडनानी बरी,तो क्या हमने अपने परिवार के लोगों को मारा था?

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अहमदाबाद : नरोदा-पाटिया दंगा मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट द्वारा माया कोडनानी को बरी किये जाने के बाद एक दंगा पीड़ित ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी आंख के सामने परिवार के आठ लोगों को मार दिया गया, अगर यह लोग बेकसूर हैं, तो क्या हमने अपने लोगों को मारा? माया कोडनानी […]

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अहमदाबाद :
नरोदा-पाटिया दंगा मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट द्वारा माया कोडनानी को बरी किये जाने के बाद एक दंगा पीड़ित ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी आंख के सामने परिवार के आठ लोगों को मार दिया गया, अगर यह लोग बेकसूर हैं, तो क्या हमने अपने लोगों को मारा? माया कोडनानी को छोड़ दिया गया है, दो साल बाद बाबू बजरंगी भी दोषमुक्त हो जायेंगे.

गौरतलब है कि आज गुजरात हाईकोर्ट ने नरोदा-पाटिया दंगा मामले में सुनवाई करते हुए 32 दोषियों में से 17 को बरी कर दिया, जिसमें से एक माया कोडनानी भी हैं. 2002 के नरोदा पाटिया नरसंहार में भीड़ ने 97 लोगों की हत्या कर दी थी. अदालत ने हालांकि इस मामले में बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी की दोषसिद्धि को सही ठहराया है.

न्यायमूर्ति हर्षा देवानी और न्यायमूर्ति ए एस सुपेहिया की खंड़पीठ ने 16 साल पुराने इस मामले में आज फैसला सुनाया. पीठ ने अपने आदेश में कहा कि कोडनानी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके. बाबू बजरंगी, जिसकी दोषसिद्धि अदालत ने बरकरार रखी है, उसका नाम षडयंत्रकारियों में शामिल था. विशेष अदालत ने अगस्त 2012 में माया कोडनानी सहित 32 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. माया को जहां 28 वर्ष की कैद की सजा सुनाई गयी थी वहीं बजरंगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी.

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