#Janmashtami : तो क्या इस बार तीन दिन मनायी जायेगी जन्माष्टमी? यहां जानें सही तिथि और मुहूर्त

Updated at : 13 Aug 2017 6:05 PM (IST)
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#Janmashtami : तो क्या इस बार तीन दिन मनायी जायेगी जन्माष्टमी? यहां जानें सही तिथि और मुहूर्त

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक है. भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्य रात्रि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था. हर साल इसी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरी निष्ठा और विधि-विधान से मनाया जाता है. इस साल भी जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन एक उलझन […]

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक है. भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्य रात्रि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था. हर साल इसी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरी निष्ठा और विधि-विधान से मनाया जाता है.

इस साल भी जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन एक उलझन के साथ. उलझन है जन्माष्टमी की सही तिथि और मुहूर्त को लेकर.

उलझन यह है कि 14 अगस्त को पूरे दिन सप्तमी तिथि है. शाम 7 बजकर 35 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू हो जा रही है. अष्टमी तिथि 15 अगस्त को पूरे दिन है और शाम 5 बजकर 42 पर नवमी तिथि लग रही है. इस तरह से अष्टमी तिथि का दो दिन लग जाना ही उलझन की वजह बना हुआ है.

दूसरी उलझन है तिथि और नक्षत्र का एक साथ नहीं होना. ऐसे में जानकारों का कहना है कि भाद्रपद पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी मनायी जाती है.

इस साल 14 अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे अष्टमी तिथि पड़ रही है, लेकिन उस समय भरणी नक्षत्र है. जबकि भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ है.

वहीं अगर बात करें रोहिणी नक्षत्र की, तो यह 15-16 अगस्त को रात 1 बजकर 27 मिनट से लग रहा है. यह 16 अगस्त की रात 11 बजकर 50 मिनट तक चलेगा.

इससे साफ है कि अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का आदर्श योग इस साल नहीं बन रहा है और यह अवधि लंबी खिंच रही है.

पंडितजनों की मानें, तो इस बार 148 वर्षों बाद बन रहे योग के कारण 3 दिन तक अलग-अलग जगहों पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जायेगा. इस तरह जन्माष्टमी पर्व की शुरुआत सोमवार, 14 अगस्त से शुरू हो जायेगी.

…तो किस दिन रखें व्रत

जानकार बताते हैं कि शास्त्रों में इस तरह की उलझनों के लिए एक आसान उपाय यह बताया गया है कि गृहस्थों को उस दिन व्रत रखना चाहिए, जिस रात अष्टमी तिथि लग रही हो.

इसके अनुसार 14 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रख सकते हैं. जो लोग वैष्णव और साधु-संत हैं, वह 15 अगस्त को अष्टमी तिथि में व्रत रख सकते हैं.

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