यूपी में पराली जलाने पर बड़ी कार्रवाई, महराजगंज में तीन लेखपाल निलंबित, 10 किसानों को जेल और 28 पर एफआईआर दर्ज

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कहीं पराली जलती हुई मिले तो वहां पर मिलने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाएं. यह भी कहा कि किसान पराली को न जलाएं, बल्कि उसे एकत्रित कर कहीं एक जगह रखवा दें. प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 28 लोगों पर पराली जलाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है.
Mahrajganj News: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में पराली जलाने की बढ़ती घटना और उस पर रोक नहीं लगाने को लेकर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ा एक्शन लिया है. डीएम ने इस प्रकरण सख्त निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरतने पर तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही पराली जलाने वाले 10 किसानों को जेल भेज दिया. साथ ही प्रशासन ने 28 किसानों पर केस दर्ज कराया है. जिलाधिकारी की इस कार्रवाई की पूरे प्रदेश में काफी चर्चा हो रही है. पराली जलाने को लेकर कई बार कोर्ट नाराजगी जता चुका है. इसके मद्देनजर शासन प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, इसमें किसी भी हालत में पराली नहीं जलाने को कहा गया है. इसके अलावा किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है. फिर भी इस तरह की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है. दिवाली की आतिशबाजी से यूपी के अधिकांश शहरों में हवा पहले ही जहरीली बनी हुई है. सुबह के वक्त गहरी धुंध के बीच निकलने वाले लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट इस पर कड़ी नाराजगी जता चुका है. ऐसे में पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर अब कड़ी कार्रवाइ की जा रही है.
लेखपालों पर लापरवाही का आरोप
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में पराली को जलाने पर रोकने के लिए किसानों को नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है. इसके बाद भी कहीं न कहीं से पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं. लेखपालों की ओर से इस पर प्रभावी नियंत्रण न लगा पाने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा ने सदर तहसील के लेखपाल जनकराज व विपिन कुमार एवं नौतनवा तहसील के लेखपाल अरविंद यादव को निलंबित कर दिया है. जिलाधिकारी की कार्रवाई के बाद जनपद में जिम्मेदारों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. माना जा रहा है कि कई और लोगों पर एक्शन लिया जा सकता है.
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जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कहीं पराली जलती हुई मिले तो वहां पर मिलने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाएं. यह भी कहा कि किसान पराली को न जलाएं, बल्कि उसे एकत्रित कर कहीं एक जगह रखवा दें. प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 28 लोगों पर पराली जलाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है. 10 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. वहीं लगभग एक लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है.
जिलाधिकारी ने कहा कि पराली जलाने के बजाए उसे खेत की मेड़ पर या किसी सार्वजनिक स्थल पर इकट्ठा कर दें. ग्राम प्रधान के माध्यम से पराली को गौशालाओं में भेजवा सकते हैं. इसके अतिरिक्त कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे डिकंपोजर के माध्यम से पराली का निस्तारण खेत में ही कर सकते हैं. पराली जलाना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा. संबंधित लेखपालों सहित अन्य लोगों के जवाबदेही तय करने के साथ-साथ दोषी किसानों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.
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By Sanjay Singh
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