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बरसात में बच्चों की सेहत को लेकर सख्त हुआ शिक्षा विभाग

Updated at : 03 Jul 2025 7:03 PM (IST)
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बरसात में बच्चों की सेहत को लेकर सख्त हुआ शिक्षा विभाग

<P><H2>मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता पर विशेष निर्देश जारी</P></H2><P><H2>रसोईघर, भंडारगृह और जल स्रोतों की साफ-सफाई अनिवार्य</H2><H2>सासाराम ऑफिस. </H2></P>बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित मध्याह्न भोजन

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मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता पर विशेष निर्देश जारी

रसोईघर, भंडारगृह और जल स्रोतों की साफ-सफाई अनिवार्य

सासाराम ऑफिस.

बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने को लेकर शिक्षा विभाग बिहार सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गया है. मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय पटना की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्याह्न भोजन योजना को विशेष साफ-सफाई व खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किये हैं. निदेशक विनायक मिश्र के भेजे गये पत्र में कहा गया है कि बरसात में नमी व संक्रमण के कारण भोजन की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ सकता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में योजना के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों, रसोईघरों व भंडारगृहों में विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है. जारी निर्देशों में दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी व प्रखंड साधन सेवियों द्वारा स्कूल व रसोईघर का नियमित निरीक्षण करें. चावल, दाल, तेल, मसाले, सोयाबीन, लाल चना आदि की गुणवत्ता जांच के बाद ही उपयोग किया जाये, इसकी चेतावनी दी जाए. डिब्बा बंद खाद्य सामग्री का उपयोग एक्सपायरी डेट देखकर ही किया जाये. खाद्य सामग्री का भंडारण नमी से बचाकर सुरक्षित स्थान पर किया जाये. स्कूल परिसर, रसोई घर के आसपास के चापाकल, नल और शौचालय की नियमित सफाई की जाए. कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था की जाए. भोजन परोसने से पहले सभी बच्चों को हाथ धुलवाया जाये और रसोई के बर्तनों की पूरी सफाई हो.

वर्जित है बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग, पत्ता गोभी जैसे संभावित कीटाणु युक्त सब्जी

पत्र में यह भी कहा गया है कि बरसात में बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग व पत्ता गोभी जैसे संभावित कीटाणु युक्त सब्जियों का प्रयोग वर्जित किया गया है. इसके बदले स्थानीय ताजा हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें. भोजन परोसने से पूर्व रसोइया, प्रधानाध्यापक या शिक्षक द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य है. निदेशक विनायक मिश्र ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की पूरी जिम्मेदारी जिला व प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों की होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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By ANURAG SHARAN

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