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नाव हादसा : 41 घंटे के बाद बरामद हुए चार महिलाओं के शव, एक ही परिवार के थे सभी

Updated at : 25 Sep 2025 6:52 PM (IST)
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नाव हादसा : 41 घंटे के बाद बरामद हुए चार महिलाओं के शव, एक ही परिवार के थे सभी

थाना क्षेत्र के गुड़िया पंचायत के बेलापट्टी स्थित बेंगा मिरचैया नदी में 23 सितंबर की शाम हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया

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त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के गुड़िया पंचायत के बेलापट्टी स्थित बेंगा मिरचैया नदी में 23 सितंबर की शाम हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस हादसे में लापता हुई चार महिलाओं का शव घटना के 41 घंटे बाद गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया. हादसे के बाद से ही नदी किनारे लोगों की भीड़ जुटी रही. शव मिलने के बाद गांव में मातम छा गया. गौरतलब है कि मंगलवार की शाम महिलाएं घास लेकर नाव से नदी पार कर रही थी. नाव पर 12 महिलाएं और दो पुरुष नाविक सवार थे. इसी दौरान नाव पलट गयी और नाविक फरार हो गए. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से सात महिलाओं को देर शाम सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया. वहीं, एक महिला को भी उसी दिन नदी से निकालकर अस्पताल ले जाया गया. उसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस हादसे में चार महिलाएं गहरे पानी में डूबकर लापता हो गई थी. मंगलवार की देर शाम ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई. लगातार नदी में खोज अभियान शुरू कर दिया. बुधवार की सुबह बिहटा, पटना से विशेष एनडीआरएफ की टीम ड्रोन कैमरे के साथ घटना स्थल पर पहुंची और एयर सर्विलांस के जरिए तलाश शुरू की. बावजूद इसके बुधवार देर रात तक लापता महिलाओं का कुछ पता नहीं चल सका. अंततः गुरुवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और करीब 10 बजे सभी चार महिलाओं के शव बरामद कर लिए गए. शव की हुई पहचान बरामद शवों की पहचान छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया पंचायत के चकला गांव वार्ड नंबर दो निवासी मटर मुखिया की 25 वर्षीय पुत्री काजल देवी, जोगो मुखिया की 45 वर्षीय पत्नी सावित्री देवी, नरेश मुखिया की 30 वर्षीय पत्नी मंजुला देवी और बिरेश मुखिया की 30 वर्षीय पत्नी ममता देवी के रूप में हुई. चारों महिलाएं आपस में रिश्तेदार थी और ये सभी एक ही परिवार से थी. इस हादसे में पहले ही काजल देवी की मां संजन देवी की मौत हो चुकी थी. परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन नदी में शव मिलने के बाद मृतकों के परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा इलाका गमगीन हो गया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाव पर अधिक भार नहीं होता और नाविक सतर्क रहते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था. स्थानीय लोगों ने नाविकों को पकड़कर कड़ी सजा देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था, बावजूद इसके नावों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए. वहीं हादसे के बाद एनडीआरएफ टीम का लगातार प्रयास सराहनीय रहा, लेकिन चारों महिलाओं को बचाया नहीं जा सका. यह हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि ग्रामीण इलाकों में नाव परिचालन की सख्त निगरानी हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. सभी मृतका के आश्रितों को की जायेगी सरकारी मदद : एसडीएम एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि बुधवार को भी दिन भर सर्च ऑपरेशन चला. एनडीआरएफ की पटना टीम ने एयर सर्विलांस के जरिए खोज जारी रखी, लेकिन सफलता नहीं मिली. पोस्टमार्टम के बाद आपदा के तहत उनके आश्रित को चार लाख रुपये मुआवजा दिया गया. अन्य चार मृतकों के परिवारों को भी पोस्टमार्टम के बाद प्रत्येक को चार लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया जाएगा. फरार नाविकों के मामले पर एसडीएम ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा जांच जारी है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

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