जन्म दोष का प्रमुख कारण ‘गर्भनिरोधक गोलियां’ नहीं: शोध

आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि प्रेग्नेंट होने से पहले तक गर्भ-निरोधक गोलियों का सेवन नवजात में जन्म-दोष का कारण बनता है लेकिन यह बात एक शोध ने सिरे से ख़ारिज कर दी है. आइए जाने…. गर्भाधान से थोड़े समय पहले गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन किसी प्रमुख जन्म दोष का कारण नहीं […]
आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि प्रेग्नेंट होने से पहले तक गर्भ-निरोधक गोलियों का सेवन नवजात में जन्म-दोष का कारण बनता है लेकिन यह बात एक शोध ने सिरे से ख़ारिज कर दी है. आइए जाने….
गर्भाधान से थोड़े समय पहले गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन किसी प्रमुख जन्म दोष का कारण नहीं है. एक शोध के अनुसार, गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग करने वाली महिलाओं में से लगभग 9% महिलाएं गोली लेना भूल जाने, अन्य दवाओं के साथ गोलियां लेने या बिमारियों के कारण इन गोलियों के प्रयोग के पहले ही साल में गर्भवती हो जाती हैं.
शोधकर्ताओं कहते हैं कि गोलियों के कारण भ्रूण में किसी भी प्रकार के प्रमुख जन्म दोष के होने की आशंका नहीं होती.
शोध के लिए 1997 से 2011 के बीच जन्म, जन्म दोषों और मातृत्व चिकित्सकीय स्थितियों को जांचा गया. इसमें 8,80,694 जीवित शिुशओं को शामिल किया गया, जिनमें 2.5% ऐसे शिशु शामिल थे, जिनमें जन्म के पहले वर्ष में कोई प्रमुख जन्म दोष था.
प्रति 1,000 शिशु जन्म दर के आंकड़ों में हर वर्ग में प्रमुख जन्म दोष का आंकड़ा लगभग एक समान ही पाया गया.
कभी इन गोलियों का इस्तेमाल न करने वालों में यह 25.1% पाया गया तो गर्भाधान से तीन महीने से ज्यादा समय से गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करने वालों में यह आंकड़ा 25% और गर्भाधान से तीन महीने पूर्व से इन गोलियों का प्रयोग करने वालों में यह आंकड़ा 24.9% पाया गया.
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