February 29: ‘लीप डे’ के अलावा इन बातों के लिए भी खास है चार साल बाद आनेवाली यह तारीख

देश दुनिया के इतिहास में 29 फरवरी की तारीख पर दर्ज कुछ घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा
29 February History Leap Day Leap Year : इतिहास में 29 फरवरी के दिन की बात करें तो पहले इस दिन के इतिहास के बारे में जान लेना जरूरी है. साल में 365 दिन होते हैं और हर गुजरते दिन के साथ साल का एक एक दिन कम होता जाता है, लेकिन 29 फरवरी साल का एक ऐसा दिन है जो 4 साल में एक बार ही आ पाता है.
दरअसल इसकी भी एक वजह है. पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365.25 दिन लगते हैं. अब एक चौथाई दिन यानी छह घंटे का दिन तो हो नहीं सकता इसलिए चार साल के छह छह घंटों को जोड़कर 24 घंटे का एक दिन फरवरी के महीने में जोड़ दिया जाता है. जिस साल में फरवरी 29 दिन की होती है उसे लीप वर्ष कहा जाता है और 29 फरवरी को लीप दिवस कहा जाता है.
29 फरवरी का खगोलीय इतिहास दिलचस्प है, लेकिन इस दिन जन्म लेने वालों को हर साल जन्मदिन न मना पाने का मलाल सालता रहता है. उनकी उम्र तो हर साल बढ़ती जाती है, लेकिन जन्मदिन तो वह हर चार साल में एक ही बार मना पाते हैं. देश दुनिया के इतिहास में 29 फरवरी की तारीख पर दर्ज कुछ घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-
1504 : पश्चिम की अपनी चौथी यात्रा के दौरान क्रिस्टोफर कोलंबस जमैका में फंस गए. वहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को चंद्र ग्रहण से डराकर अपने दल के लिए भोजन की व्यवस्था की.
1796 : अमेरिका के राष्ट्रपति ने जे की संधि के कार्यान्वयन की घोषणा की, जिससे ब्रिटेन के साथ उनके कुछ पुराने विवादों का अंत हुआ.
1856 : रूस और तुर्की के बीच युद्धविराम.
1896 : देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई का जन्मदिन.
1904 : भरतनाट्यम की मशहूर नृत्यांगना रूक्मणी देवी अरूंडेल का जन्मदिन.
1940 : हैती मैक्डेनियल ने फिल्म ‘गॉन विद द विंड’ में अपने अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री का अकेडमी पुरस्कार जीता. वह यह पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी बनीं.
1952 : पैदल चलने वालों के लिए सड़क पार करने संबंधी निर्देश पहली बार टाइम्स स्क्वेयर के 44वीं स्ट्रीट और ब्रॉडवे में लगाये गए.
2000 : भारत सरकार ने सेना व्यय में 28.2 प्रतिशत बढ़ोतरी, अधिक आयवर्ग के लोगों पर आयकर में वृद्धि और स्थायी सरकारी नौकरियों में कटौती का ऐलान किया.
2004 : अकेडमी अवार्ड्स में फिल्म ‘द लाॅर्ड आॅफ द रिंग : द रिटर्न ऑफ द किंग’ ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 11 अवार्ड जीते.
2008 : विदेशी मीडिया में प्रिंस हैरी की अफगानिस्तान में तैनाती की खबर लीक होने के बाद ब्रिटिश सेना ने उन्हें तत्काल वहां से वापस बुलाने का फैसला किया.
2008 : पाकिस्तान में आत्मघाती बम हमलावर ने पेशावर में कम से कम 44 लोगों की हत्या कर दी और 90 से अधिक घायल.
2012 : ब्रिटेन ने सीरिया में अपने राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरे को देखते हुए उन्हें वापस बुला लिया.
2016 : पाकिस्तान में मुमताज कादरी को रावलपिंडी के अडियाला जेल में फांसी दे दी गई. कादरी ने पंजाब के उदारवादी गवर्नर सलमान तासीर को 2011 में इस्लामाबाद के एक बाजार में 28 गोलियां दागकर मार डाला था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By राजीव कुमार
राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.
राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.
डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.
राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.
जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










