February 29: 'लीप डे' के अलावा इन बातों के लिए भी खास है चार साल बाद आनेवाली यह तारीख

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 28 Feb 2020 6:58 PM

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देश दुनिया के इतिहास में 29 फरवरी की तारीख पर दर्ज कुछ घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा

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29 February History Leap Day Leap Year : इतिहास में 29 फरवरी के दिन की बात करें तो पहले इस दिन के इतिहास के बारे में जान लेना जरूरी है. साल में 365 दिन होते हैं और हर गुजरते दिन के साथ साल का एक एक दिन कम होता जाता है, लेकिन 29 फरवरी साल का एक ऐसा दिन है जो 4 साल में एक बार ही आ पाता है.

दरअसल इसकी भी एक वजह है. पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365.25 दिन लगते हैं. अब एक चौथाई दिन यानी छह घंटे का दिन तो हो नहीं सकता इसलिए चार साल के छह छह घंटों को जोड़कर 24 घंटे का एक दिन फरवरी के महीने में जोड़ दिया जाता है. जिस साल में फरवरी 29 दिन की होती है उसे लीप वर्ष कहा जाता है और 29 फरवरी को लीप दिवस कहा जाता है.

29 फरवरी का खगोलीय इतिहास दिलचस्प है, लेकिन इस दिन जन्म लेने वालों को हर साल जन्मदिन न मना पाने का मलाल सालता रहता है. उनकी उम्र तो हर साल बढ़ती जाती है, लेकिन जन्मदिन तो वह हर चार साल में एक ही बार मना पाते हैं. देश दुनिया के इतिहास में 29 फरवरी की तारीख पर दर्ज कुछ घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1504 : पश्चिम की अपनी चौथी यात्रा के दौरान क्रिस्टोफर कोलंबस जमैका में फंस गए. वहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को चंद्र ग्रहण से डराकर अपने दल के लिए भोजन की व्यवस्था की.

1796 : अमेरिका के राष्ट्रपति ने जे की संधि के कार्यान्वयन की घोषणा की, जिससे ब्रिटेन के साथ उनके कुछ पुराने विवादों का अंत हुआ.

1856 : रूस और तुर्की के बीच युद्धविराम.

1896 : देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई का जन्मदिन.

1904 : भरतनाट्यम की मशहूर नृत्यांगना रूक्मणी देवी अरूंडेल का जन्मदिन.

1940 : हैती मैक्डेनियल ने फिल्म ‘गॉन विद द विंड’ में अपने अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री का अकेडमी पुरस्कार जीता. वह यह पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी बनीं.

1952 : पैदल चलने वालों के लिए सड़क पार करने संबंधी निर्देश पहली बार टाइम्स स्क्वेयर के 44वीं स्ट्रीट और ब्रॉडवे में लगाये गए.

2000 : भारत सरकार ने सेना व्यय में 28.2 प्रतिशत बढ़ोतरी, अधिक आयवर्ग के लोगों पर आयकर में वृद्धि और स्थायी सरकारी नौकरियों में कटौती का ऐलान किया.

2004 : अकेडमी अवार्ड्स में फिल्म ‘द लाॅर्ड आॅफ द रिंग : द रिटर्न ऑफ द किंग’ ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 11 अवार्ड जीते.

2008 : विदेशी मीडिया में प्रिंस हैरी की अफगानिस्तान में तैनाती की खबर लीक होने के बाद ब्रिटिश सेना ने उन्हें तत्काल वहां से वापस बुलाने का फैसला किया.

2008 : पाकिस्तान में आत्मघाती बम हमलावर ने पेशावर में कम से कम 44 लोगों की हत्या कर दी और 90 से अधिक घायल.

2012 : ब्रिटेन ने सीरिया में अपने राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरे को देखते हुए उन्हें वापस बुला लिया.

2016 : पाकिस्तान में मुमताज कादरी को रावलपिंडी के अडियाला जेल में फांसी दे दी गई. कादरी ने पंजाब के उदारवादी गवर्नर सलमान तासीर को 2011 में इस्लामाबाद के एक बाजार में 28 गोलियां दागकर मार डाला था.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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