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मायके के हस्तक्षेप से आ रही पति-पत्नी में दरार, टूट रहे हैं रिश्‍ते

Updated at : 25 Nov 2019 9:38 AM (IST)
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मायके के हस्तक्षेप से आ रही पति-पत्नी में दरार, टूट रहे हैं रिश्‍ते

पटना : बेटी और बेटे के बसे-बसाये घर को अब कोई बाहर वाला नहीं तोड़ रहा, बल्कि इसमें दोनों को पक्ष यानी मायके और ससुराल के लोग शामिल है. महिला थाना में ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा के आ रहे हैं, जिनमें 80 प्रतिशत मामलों में मायके या फिर ससुराल वाले का हस्तक्षेप िमल रहा है. […]

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पटना : बेटी और बेटे के बसे-बसाये घर को अब कोई बाहर वाला नहीं तोड़ रहा, बल्कि इसमें दोनों को पक्ष यानी मायके और ससुराल के लोग शामिल है. महिला थाना में ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा के आ रहे हैं, जिनमें 80 प्रतिशत मामलों में मायके या फिर ससुराल वाले का हस्तक्षेप िमल रहा है. कई मामलों में महिलाएं अपनी हर बात मायके वालों से शेयर करती है, जिसके बाद घर में पति-पत्नी के बीच मतभेद हो जाते हैं.

मायके वालों के प्रति प्यार से दरार : इनमें पत्नी द्वारा अपनी हर छोटी-छोटी बातों को शेयर करना. पति को नीचा दिखाते हुए भाई की तारीफ करना. मायके जाने पर वापस आने पर न नुकुर करना. कई बार तो मायके के लोग बेटी को घर रखकर वापस जाने नहीं देते. ससुराल भी इसमें पीछे नहीं. यहां ननद की ओर से भाभी को ताना मारना. कई बार भाभी द्वारा छोटी-छोटी बातों को मन से लगा कर शिकायत करना. भाई को लेकर खास ख्याल दिखाना. दूसरे घर से आयी से ससुराल में दोगुना काम करवाना. साथ ही बेटे के सामने उसकी गलतियां बताना आम बात हो गयी है.

85% केस सॉल्व
हमारे पास आने वाले मामलों में 100 केस में से 85 केस सॉल्व हो जाते हैं. घरेलू हिंसा के मामलों में मायके और ससुराल वाले की भागीदारी ज्यादा होती है. हम पूरी कोशिश करते है कि दोनों पक्षों को सुनने की और काउंसेलिंग में दोनों साथ रहने को तैयार हो जाते हैं. जो नहीं मानते हैं, वे आगे एफआइआर केस कर सकते हैं.
सुप्रिया कुमारी, काउंसेलर, महिला थाना
रिश्ते में सामंजस्य लाना जरूरी
पहले के अपेक्षा में आज कल लड़कियां ज्यादा पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर हो रही हैं. लड़के और लड़कियों मे टॉलरेंस की कमी हो गयी है. पति-पत्नी के रिश्ते में सामंजस्य लाना होगा. इसके साथ लड़के और लड़की दोनों के माता और पिता को चाहिए कि इनके रिश्ते में ज्यादा दखल अंदाजी करने से बचें.
डॉ बिंदा सिंह,क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट
केस: गर्दनीबाग की रहने वाली प्रिया (काल्पनिक नाम) की शादी के चार साल हो चुके थे. सबकुछ अच्छा चल रहा था लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों के साथ नहीं बनने लगी. ससुराल से मायके के गयी लेकिन वापस आने से इन्कार कर दिया. इसके साथ ही महिला थाने में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी. दोनों के पक्षों से बात करने पर पता चला कि प्रिया अपनी ससुराल की बातें मायके में मां को बताती थी और उनके हस्तक्षेप से ही दरार आ गयी है.

केस: कदमकुआं की रहने वाली मीता (काल्पनिक नाम) ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की. उसने शिकायत की थी कि उसके सास-ससुर हमेशा उसे ताना देते थे कि उसके आने से उनका बेटा उनकी बातें नहीं सुनता. कभी खाने में कमियां निकालती थी और कई बार तो हाथ भी उठाया है. यही नहीं अब तो पति भी उनकी बातों में आकर मारते हैं. दोनों परिवारों की काउंसेलिंग की गयी जिसके बाद कपल अब साथ रह रहे हैं.

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