सुस्ती अल्जाइमर्स का है संकेत, अल्जाइमर्स भूलने की बीमारी है
Updated at : 11 Sep 2018 8:40 AM (IST)
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हम जानते हैं कि अल्जाइमर्स भूलने की बीमारी है, जो ज्यादातर बुजुर्गावस्था में व्यक्ति को घेरती है. मगर अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें, तो जो लोग दिन के समय सुस्ती और नींद महसूस करते हैं, उनमें उन लोगों के मुकाबले भूलने की बीमारी होने का तीन गुना ज्यादा खतरा होता है, […]
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हम जानते हैं कि अल्जाइमर्स भूलने की बीमारी है, जो ज्यादातर बुजुर्गावस्था में व्यक्ति को घेरती है. मगर अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें, तो जो लोग दिन के समय सुस्ती और नींद महसूस करते हैं, उनमें उन लोगों के मुकाबले भूलने की बीमारी होने का तीन गुना ज्यादा खतरा होता है, जो रात को अच्छी नींद लेते हैं.
स्टडी में सामने आया कि जिन लोगों को दिन के वक्त सुस्ती लगती थी, उनके दिमाग में बीटा अमायलॉइड नाम का एक प्रोटीन पाया गया, जो अल्जाइमर रोग की पहचान है. इस स्टडी से उन बातों की पुष्टि होती है, जिनमें अक्सर कहा जाता रहा है कि कम नींद लेने वालों में अल्जाइमर्स की परेशानी हो सकती है. यानी अगर आपको अल्जाइमर से बचना है, तो पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है.
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