होली में उड़द दाल से बनने वाले दही बड़ों के हैं कई और फायदे...जानें
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Mar 2018 5:10 AM (IST)
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होली नजदीक आते ही दही बड़ों की याद आने लगती है और दही बड़ों की याद आते ही कई लोगों के मुंह में पानी आने लगता है. उत्तर भारतीय क्षेत्रों में आमतौर से उड़द दाल के दही बड़े बनाये जाते हैं. हालांकि कुछ लोग उड़द दाल को गरिष्ठ मानते हैं, इसलिए वे दही बड़े बनाने […]
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होली नजदीक आते ही दही बड़ों की याद आने लगती है और दही बड़ों की याद आते ही कई लोगों के मुंह में पानी आने लगता है. उत्तर भारतीय क्षेत्रों में आमतौर से उड़द दाल के दही बड़े बनाये जाते हैं.
हालांकि कुछ लोग उड़द दाल को गरिष्ठ मानते हैं, इसलिए वे दही बड़े बनाने के लिए कई तरह के अन्य खाद्य पदार्थ यूज करते हैं. ऐसे लोगों को यह जानना चाहिए कि धुली हुई उड़द दाल भले गैस और बदहजमी कर सकती है, लेकिन छिलकेवाली उड़द दाल के कई फायदे हैं. उड़द की दाल में प्रोटीन, विटामिन-बी थायमीन, राइबोफ्लेविन और नियासिन, विटामिन सी, आयरन, कैल्शियम, घुलनशील रेशा और स्टार्च पाया जाता है.
यह दाल अन्य प्रकार की दालों की तुलना में बलवर्द्धक और पोषक होती है. इसी कारण इसे ‘माहरानी’ दाल भी कहा जाता है. जिन लोगों की पाचन शक्ति प्रबल होती है, वे होली के अलावा अन्य दिनों में भी इसका सेवन कर सकते हैँ.
सफेद दाग व फोड़े-फुंसी में लाभकारी
काली उड़द को पीस कर दिन में तीन-चार बार सफेद दागों पर लगाएं. आधे घंटे बाद सादे पानी से स्नान कर लें. कुछ समय तक लगातार इस उपाय को करने से सफेद दाग मिट जायेंगे और वहां की त्वचा सामान्य रंग की हो जायेगी. शरीर पर फोड़े या फुंसी हो गये हों, तो भी इस पेस्ट को लगाने से बहुत आराम मिलता है.
पाचन शक्ति बढ़ाने में लाभदायक
जिन लोगों की पाचन शक्ति अच्छी होती है, वे यदि काली उड़द दाल का सेवन करें, तो उनके शरीर में रक्त, मांस, मज्जा की वृद्धि होती है. इसमें बहुत सारे घुलनशील रेशे होते हैं, जो कि पचने में आसान होते हैं.
त्वचा और और बालों के लिए फायदेमंद त्वचा पर अगर मुंहासे हो गये हों, तो रोज रात में धुली उड़द दाल और मसूर दाल को पानी में भिगो दें. अगले दिन उसे बारीक पीस कर थोडा-सा नींबू का रस और शहद मिलाएं. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से मुंहासों से छुटकारा मिलेगा. उड़द की दाल को पीस कर बालों में लगाने से बाल झड़ने या गंजेपन की समस्या में भी लाभ मिलता है.
खून की कमी को करता है पूरा
उड़द दाल में आयरन की प्रचुरता होती है. माहवारी के दौरान अधिक रक्तस्राव हो, तो उड़द दाल का सेवन करना चाहिए, इसमें रेड मीट के मुकाबले कई गुना आयरन और हाइ कैलोरी होती है, जबकि फैट नाम मात्र का होता है.
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