White Hair Causes: आज के समय में 20–30 साल की उम्र में ही बालों का सफेद होना आम समस्या बनती जा रही है. कभी यह समस्या बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी तेजी से सफेद होते बाल देखने को मिल रहे हैं. विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स की मानें तो जवानी में ही सफेद बाल के कारण लाइफस्टाइल से लेकर और मानसिक तनाव समेत कई कारण जिम्मेदार है. आइए जानते हैं, जवानी में बाल सफेद होने की 5 बड़ी वजहें कौन कौन सी है.
तनाव और मानसिक दबाव
भाग दौड़ भरी लाइफ में लगातार तनाव, चिंता और नींद की कमी होना समस्या हो जाती है. इसके कारण मानसिक समस्या तो झेलनी पड़ती ही है लेकिन साथ ही साथ इसका असर सीधा बालों की सेहत पर भी पड़ता है. तनाव के कारण शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं, जो बालों की जड़ों को कमजोर करते हैं और मेलानिन (बालों का प्राकृतिक रंग) बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. यही वजह है कि कम उम्र में ही बाल सफेद होने लगते हैं.
पोषक तत्वों की कमी भी बड़ी वजह
जंक फूड अनियंत्रित खानपान के बढ़ते चलन की वजह से लोग आजकल उन चीजों को खाना छोड़ देते हैं या फिर पसंद नहीं करते. इसमें प्रमुख है आयरन, विटामिन B12, विटामिन D, जिंक और कॉपर मिलने भोजन. और इन्हीं पोषक तत्वों की वजह से बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं. सही पोषण न मिलने पर बालों को रंग देने वाला पिगमेंट कमजोर पड़ जाता है.
जेनेटिक कारण
अगर माता-पिता या परिवार में कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या रही है, तो यह आनुवांशिक रूप से भी हो सकती है. ऐसे मामलों में व्यक्ति चाहे जितनी सावधानी बरते, फिर भी बाल जल्दी सफेद हो ही जाते हैं.
गलत लाइफस्टाइल और केमिकल प्रोडक्ट्स
धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, देर रात तक जागना भी बाल सफेद होने की मुख्य वजह है. इसके अलावा बालों पर ज्यादा केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स (हेयर डाई, स्ट्रेटनिंग, स्मूदनिंग) का इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचाता है. इससे स्कैल्प कमजोर होती है और बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं.
हार्मोनल असंतुलन और स्वास्थ्य समस्याएं
थायरॉइड, ऑटोइम्यून डिजीज और कुछ क्रॉनिक बीमारियों की वजह से भी बालों का रंग जल्दी बदल सकता है. हार्मोनल असंतुलन मेलानिन के उत्पादन को प्रभावित करता है, जिससे ग्रे हेयर की समस्या बढ़ती है.
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