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Vidur Niti: इन 4 इंसानों से रहें सावधान! महात्मा विदुर ने बताए मूर्ख व्यक्तियों के लक्षण

Updated at : 09 Apr 2025 9:00 AM (IST)
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Vidur Niti

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Vidur Niti: महात्मा विदुर और धृतराष्ट्र के बीच संवाद ही आगे चलकर विदुर नीति के नाम से जाना गया, जिसमें धर्म, नैतिकता, आदर्श जीवन और व्यावहारिक ज्ञान का अद्भुत समावेश है. यह नीति केवल शास्त्रीय ज्ञान नहीं, बल्कि आज के युग में भी प्रासंगिक जीवन-दर्शन है. विदुर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी दूरदर्शिता और सत्य बोलने का साहस था.

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Vidur Niti: महाभारत के महान पात्रों में से एक महात्मा विदुर बहुत ही गहरे चिंतक, नीतिशास्त्री और आदर्श पुरुष थे. उन्होंने अपने नीतियों और विचारों के बदौलत हस्तिनापुर राज्य के प्रधानमंत्री का पद हासिल किया था. उनके और धृतराष्ट्र के बीच संवाद ही आगे चलकर विदुर नीति के नाम से जाना गया, जिसमें धर्म, नैतिकता, आदर्श जीवन और व्यावहारिक ज्ञान का अद्भुत समावेश है. यह नीति केवल शास्त्रीय ज्ञान नहीं, बल्कि आज के युग में भी प्रासंगिक जीवन-दर्शन है. विदुर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी दूरदर्शिता और सत्य बोलने का साहस था. उन्होंने महाभारत युद्ध से पहले ही राजा धृतराष्ट्र को युद्ध के संभावित विनाशकारी परिणामों के प्रति आगाह कर दिया था. महात्मा विदुर का मानना था कि जो व्यक्ति अपने कर्मों में धर्म, सत्य, संयम और विवेक का समावेश करता है, वही सच्चे अर्थों में ज्ञानी कहलाता है. ये नीतियां जीवन जीने की कला के साथ मनुष्य का मार्गदर्शन भी करती हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित और सफल बनाए रखता है. इसके अलावा, उन्होंने मूर्ख व्यक्तियों के पहचान करने के तरीकों के बारे में बताते हैं, जिनको आसानी से समझकर दूरियां बना सकते हैं.

पितरों का श्राद्ध कर्म न करने वाला

विदुर नीति के अनुसार, जो व्यक्ति अपने पितरों का श्राद्ध कर्म या पितरों को शांत करने के लिए कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं करता है. वह मूर्ख व्यक्ति होता है. ऐसे लोग अपने जीवन में हमेशा परेशान होते हैं. उन्हें अपने जीवन में कई तरह की परेशानियों के से गुजरना पड़ता है.

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जिसके पास सच्चा दोस्त न हो

महात्मा विदुर के मुताबिक, जिस व्यक्ति का कोई सुहृद यानी जिसका कोई दिल से सही चाहने वाला मित्र नहीं होता है, वह व्यक्ति मूर्ख व्यक्ति की भांति होती है. इस तरह के लोगों से दोस्ती करना ठीक नहीं होता है, क्योंकि इनके साथ रहने से सिर्फ खुद का नुकसान होता है और किसी का नहीं.

गलत होकर दूसरो को गलत साबित करने वाला

विदुर नीति के मुताबिक, जो व्यक्ति खुद गलत बर्ताव करते हुए भी दूसरे पर उसके दोष बताकर आक्षेप लगाता है, तो मूर्ख व्यक्ति होता है. ऐसे लोगों से जितनी दूरी बना सकते हैं बनाकर रखें, क्योंकि ये लोग आपके लिए बहुत ही घातक साबित होते हैं.

गुस्सा करने वाला

महात्मा विदुर के अनुसार, जो व्यक्ति किसी काम के लायक नहीं रहता है, वह किसी तरह का कोई काम भी नहीं कर पाता है, तो भी दूसरों पर गुस्सा निकालता है, ऐसे लोग बहुत ही मूर्ख किस्म के होते हैं.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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