Sawan 2024: जमशेदपुर के संरक्षक हैं 3000 फीट की ऊंचाई पर विराजे भोलेनाथ

Dalma Shiv Temple
Sawan 2024: झारखंड के दलमा पहाड़ पर करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर एक गुफा में मौजूद है भोलेनाथ का प्राचीन मंदिर. यहां श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु दलमा बाबा की पूजा करने आते हैं. तो चलिए इस सावन आपको बताते हैं दलमा पहाड़ी पर मौजूद भगवान शिव के प्राकृतिक मंदिर के बारे में.
Sawan 2024: सावन का पवित्र महीना चल रहा है. ऐसे में सभी शिवालयों में धूमधाम से बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जा रही है. रोजाना हजारों- लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करने विभिन्न शिवालय पहुंच रहे हैं. झारखंड राज्य में भी बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम, पहाड़ी मंदिर, आमरेश्वर धाम, टूटी झरना शिव मंदिर, अखिलेश्वर धाम, चित्रेश्वर शिव मंदिर और टांगीनाथ धाम सहित कई प्राचीन शिवालय मौजूद हैं. इन सभी शिव मंदिरों में सावन के दौरान देवाधिदेव महादेव की विशेष पूजा की जाती है. इस दौरान मंदिर को भी सजाया जाता है, भक्तों की भीड़ से मंदिर का दृश्य मनोरम दिखाई देता है. झारखंड के इन्हीं प्राचीन मंदिरों में से एक है दलमा शिव मंदिर, जो अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए काफी प्रसिद्ध है. अगर आपने सावन में झारखंड के शिवालयों में घूमने की तैयारी की है तो जरूर आएं दलमा शिव मंदिर.
Jharkhand Tourism: यहां गुफा में विराजते हैं भोलेनाथ
झारखंड के जमशेदपुर शहर में मौजूद कई प्राचीन शिवालयों में से एक है दलमा शिव मंदिर. यह प्राचीन शिव मंदिर जमशेदपुर शहर के निकट दलमा पहाड़ी पर स्थित है. लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर बने इस प्राकृतिक शिव मंदिर में भोलेनाथ गुफा के अंदर विराजते हैं. यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है. यहां बड़ी संख्या में भक्त झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित कई राज्यों से बाबा के दर्शन करने आते हैं.
सावन और महाशिवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. इस दौरान दलमा शिव मंदिर का प्रांगण भक्तिमय नजर आता है. सावन के दौरान हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा पर जल चढ़ाने दलमा शिव मंदिर पहुंचते हैं. सावन के सोमवार के दिन भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है.
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Jharkhand Tourism: सावन में होता है भोले बाबा का विशेष श्रृंगार
सावन शुरू होने से पहले दलमा शिव मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है. इस दौरान दूर-दूर से भक्त प्राचीनकालीन दलमा शिव मंदिर पहुंचते हैं. सावन को लेकर दलमा पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर में विशेष व्यवस्था की जाती है. सावन माह में यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी विशेष दिन भोग की भी व्यवस्था रहती है. इस ऐतिहासिक मंदिर में विराजित भोलेनाथ को स्थानीय लोग जमशेदपुर के संरक्षक देवता मानते हैं. यही कारण है दलमा शिव मंदिर को लोग दलमा बाबा के नाम से भी जानते हैं.
श्रावण मास में इस मंदिर में शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया जाता है. इस दौरान शिवलिंग को अलग-अलग फूलों और फूल मालाओं से सजाया जाता है. श्रद्धालुओं को सावन में बाबा के भव्य रूप के दर्शन होते हैं. दलमा शिव मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है.
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By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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