Maharashtra Tourism: भारतीय कला के विकास में अहम योगदान देती है ये गुफाएं

Ajanta and Ellora Caves
Maharashtra Tourism: विश्व प्रसिद्ध अजंता और एलोरा की गुफाएं, अपने उत्कृष्ट पेंटिंग और मूर्तियों के लिए जानी जाती हैं. भारत में इन उत्कृष्ट कृतियों का कला के विकास में प्रभाव पड़ा है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं अजंता और एलोरा की गुफाओं से संबंधित कुछ रोचक बातें.
Maharashtra Tourism: भारत में कई ऐसी गुफाएं मौजूद हैं, जो यहां के उत्कृष्ट वास्तुकला, मूर्ति कला कौशल, प्राचीन शिलालेख और अनोखी पेंटिंग के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. ये गुफाएं भारत के प्राचीन और समृद्ध गौरवशाली इतिहास से जुड़ी हुई हैं. भारत के ऐतिहासिक धरोहर को संभाले ऐसी ही गुफाएं हैं अजंता और एलोरा. यूनेस्को के वैश्विक धरोहर स्थल की लिस्ट में शामिल अजंता और एलोरा की गुफाओं को भारतीय कला, वास्तु कला और विविध धर्मों के प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में ख्याति प्राप्त है.
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Maharashtra Tourism: कहां मौजूद है विश्व प्रसिद्ध ये गुफाएं

विश्व प्रसिद्ध अजंता और एलोरा की गुफाएं महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद में वाघोरा नदी के किनारे स्थित हैं. इनमें एलोरा की गुफाओं को स्थानीय रूप से ‘वेरुल लेनि’ के नाम से जाना जाता है. आप यहां ट्रेन, सड़क और हवाई मार्ग से आ सकते हैं. अजंता में मौजूद गुफाओं में मुख्य रूप से बौद्ध मंदिर हैं, जो नक्काशीदार मूर्तियों और सुंदर चित्रों से सुसज्जित हैं. भारतीय पाषाण शिल्प स्थापत्य कला में बनी एलोरा की गुफाएं चरणाद्रि पहाड़ का एक फलक है. ये गुफाएं अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं.
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Maharashtra Tourism: क्यों है महत्वपूर्ण

प्राचीन काल में निर्मित अजंता और एलोरा की गुफाएं खूबसूरत नक्काशीदार मूर्तियों और बेहद सुंदर चित्रों से समृद्ध और सुसज्जित हैं. इन गुफाओं का इतिहास बहुत पुराना है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. प्राचीन भारत में विकसित इन गुफाओं में उत्कीर्ण अद्वितीय चित्र और मूर्तियां पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र है. अजंता की गुफाओं को बौद्ध धार्मिक कला की उत्कृष्ट कृतियां माना जाता है. एलोरा में मौजूद कुल 34 गुफाओं में 12 बौद्ध मंदिर, 17 हिंदू मंदिर और पांच जैन मंदिर मौजूद हैं, जो प्राचीन काल में धार्मिक सौहार्द्रता और सहिष्णुता का अद्भुत प्रतीक है. यही कारण है कि अजंता और एलोरा कि ये गुफाएं धार्मिक केंद्रों के रूप में भी लोगों के बीच प्रसिद्ध है. 1983 में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल हुई ये गुफाएं भारतीय कला और वास्तुकला के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण जगह है, जहां घूमने और इसके इतिहास को जानने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं. इन गुफाओं में मौजूद उत्कृष्ट कला के प्रमाण भारतीय कला के विकास में अहम योगदान देते हैं. अजंता और एलोरा की गुफाएं धार्मिक, पर्यटन और कला के विकास के केंद्र के रूप में पूरी दुनिया में मशहूर हैं.
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लेखक के बारे में
By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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