Police Memorial Day 2023: आज मनाया जा रहा है पुलिस स्मृति दिवस, जानें क्या है इस दिन का इतिहास
Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Oct 2023 8:48 AM
Police Memorial Day 2023 History, Significance, Importance: भारत में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है. यह दिन उन बहादुर पुलिसकर्मियों को याद करने और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य की पंक्ति में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए.
Police Memorial Day 2023 History, Significance, Importance: हर साल 21 अक्टूबर को देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले दस सीआरपीएफ जवानों की शहादत को याद करने के लिए पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है. इस दिन के पीछे एकमात्र विचार हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले के दौरान मारे गए बहादुरों के बलिदान और श्रद्धांजलि को याद करना है.
Police Memorial Day 2023: इतिहास
भारत के तिब्बत में 2,500 मील लंबी चीन के साथ सीमा है. 21 अक्टूबर 1959 के वक्त इस सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत के पुलिसकर्मियों की थी. चीन के घात लगाकर हमला करने से ठीक एक दिन पहले 20 अक्टूबर 1959 को भारत ने तीसरी बटालियन की एक कंपनी को उत्तर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स के इलाके में तैनात किया था. इस कंपनी को तीन टुकड़ियों में बांटकर सीमा के सुरक्षा की जिम्मेदारी गी गई थी. हमेशा की तरह इस कपंनी के जवान लाइन ऑफ कंट्रोल में गश्त लगाने के लिए निकले. 20 अक्टूबर को दोपहर तक तीनों टुकड़ियों में से दो टुकड़ी के जवान दोपरहर तक लौट आए. लेकिन तीसरी टुकड़ी के जवान उस दिन नहीं लौटे. उस टुकड़ी में दो पुलिस कांस्टेबल और एक पोर्टर था.
21 अक्टूबर की सुबह वापस नहीं लौटे टुकड़ी के जवानों के लिए तलाशी अभियान चलाने की योजना बनाई गई. जिसका नतृत्व तत्कालीन डीसीआईओ करम सिंह कर रहे थे. इस टुकड़ी में लगभग 20 जवान थे. करम सिंह घोड़े पर सवार हुए और बाकी जवान पैदल मार्च पर थे. पैदल चलने वाली सैनिकों को 3 अलग-अलग टुकड़ियों में बांट दिया गया था. तलाशी अभियान के दौरान ही चीन के सैनिकों ने घात लगाकर एक पहाड़ के पीछे से फायरिंग शुरू कर दी. भारत के जवान, जो अपने साथी को खोजने निकले थे, वो हमले के लिए तैयार नहीं थे. उनके पास जरूरी हथियार नहीं थे. इस हमले में 10 जवान शहीद हो गए थे और ज्यादातर जवान घायल हो गए थे, 7 की हालत गंभीर थी.
लेकिन चीन यहीं नहीं रूका, चीनी सैनिकों ने गंभीर रूप से घायल जवान को बंदी बनाकर अपने साथ ले गई. बाकी अन्य जवान वहां से किसी तरह से निकलने में सफल हुए. इस घटना के बाद 13 नवंबर 1959 को शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों के शव को चीनी सैनिकों ने लौटा दिया था. भारतीय सेना ने उन 10 जवानों का अंतिम संस्कार हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ किया. इन्ही शहीदों के सम्मान में हर साल भारत में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है.
Police Memorial Day 2023: महत्व
तब से, जनवरी 1960 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन ने 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में स्थापित किया. यह दिन देश भर में उन दस पुलिस अधिकारियों और अन्य सभी पुलिस अधिकारियों के बलिदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है जो देश की सेवा करते हुए अपने जीवन का बलिदान देते हैं.
Police Memorial Day 2023: थीम
परीक्षाओं में आपको पुलिस स्मृति दिवस 2023 थीम पर प्रश्न मिल सकते हैं. इस वर्ष के लिए, पुलिस स्मृति दिवस 2023 थीम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है. आधिकारिक घोषणा के बाद, हम इस स्पेस पर पुलिस स्मृति दिवस 2023 थीम को अपडेट करेंगे.
हर साल होती है पुलिस परेड
देश के विभिन्न हिस्सों से पुलिस बलों के सदस्य उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हॉट स्प्रिंग्स की यात्रा करते हैं. इस दिन को लोग ‘पुलिस शहीद दिवस’ के नाम से भी जानते हैं. दिल्ली के नेशनल पुलिस मेमोरियल में हर साल इस दिन परेड होती है जिसकी शुरुआत 2012 से हुई थी.
‘वीरता की दीवार’ पर 35,000 से अधिक शहीदों के नाम
बता दें कि अनगिनत पुलिसकर्मियों द्वारा अपने कर्तव्य के पालन में किए गए बलिदान की गवाही के रूप में णक्यपुरी, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक ‘The Wall of Valour’ बनाया गया है.
पुलिस स्मृति दिवस कैसे मनाया जाता है?
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पुलिसकर्मियों के लिए शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करना
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पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के लिए समारोह आयोजित करना
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पुलिसकर्मियों के लिए भाषणों और लेखों का प्रकाशन
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पुलिसकर्मियों के लिए पुरस्कार और सम्मान प्रदान करना
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पुलिस स्मृति दिवस से जुड़े रोचक तथ्य
पुलिस स्मृति दिवस से जुड़े रोचक तथ्य इस प्रकार हैं
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जनता की देखभाल के लिए हमेशा तत्पर रहने के लिए पुलिस अधिकारियों के सम्मान में इस दिवस का आयोजन होता है.
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पुलिस स्मृति दिवस की स्थापना उन 10 पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सभी पुलिस कर्मियों के बलिदान को पहचानने के लिए की गई थी, जिनकी ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई थी.
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बलिदान को और अधिक मान्यता देने के लिए 1994 में दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (NPM) बनाने का निर्णय लिया गया था.
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2012 से राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस परेड दिल्ली के चाणक्यपुरी में पुलिस स्मारक स्थल पर आयोजित की जाती रही है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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