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आदिवासियों की यह खास मेहंदी मरते दम तक रहता है साथ, जानें इसके पीछे की मान्यता

Updated at : 07 May 2025 8:14 PM (IST)
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Mehndi Design, Pic Credit- Freepik

Mehndi Design, Pic Credit- Freepik

Mehndi Design: आदिवासियों में गोदने की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है. यह ऐसा है जो मरने के बाद भी नहीं जाता है. इसकी कलाकृतियां भी बहुत अलग नजर आती है.

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Mehndi Design: मेहंदी लगाना आज के समय में किसी भी शादी विवाह समारोह या फिर कार्यक्रम में फैशन हो चला है. लोग बेहद शौक से इसे लगाते हैं. आज बाजार में एक बढ़कर एक मेहंदी डिजाइन मौजूद हैं. हालांकि ये मेहंदी कुछ ही दिनों बाद लोगों के हाथों से गायब हो जाता है. लेकिन आदिवासी महिलाएं एक ऐसी मेहंदी अपने हाथों में लगाती है जो उनके हाथ से कभी नहीं जाता. जिसे हम गोदना कहते हैं.

गोदने की परंपरा बेहद प्रचीन

आदिवासियों में गोदने की परंपरा बहुत प्राचीन है. यह प्रथा मानव समाज की काफी प्राचीन परंपरा है. इसे मानने के पीछे धार्मिक कारण होते हैं. अगर आप झारखंड के आदिवासियों से मिलेंगे तो आपको उनके शरीर में कुछ अलग प्रकार की कलाकृतियां नजर आएंगी. यह इन जनजातियों के लिए एक पहचान का चिह्न होता है.

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गोदना को आभूषण मानती है आदिवासी महिलाएं

गोदना का मतलब होता है सुई की नोक से त्वचा को खोदना. आदिवासी महिलाएं अपने शरीर पर अलग-अलग डिजाइन का गोदना बनवाती हैं और उसी से खुद को सजाती व संवारती है. वह इसे भी एक तरह का आभूषण मानती हैं. इन समुदाय के लोगों का यह मानना है कि जो भी सोने या चांदी के आभूषण वह पहनते हैं वह एक दिन गायब हो जायेगा. लेकिन जो वह अपने शरीर में गोदेंगे यह हमेशा उनके साथ रहेगा. यहां तक की जीवन के अंत तक. चूंकि आदिवासी समुदाय प्रकृति से जुड़ा रहता है इसलिए उनका जो श्रृंगार की साम्रग्री रहती है वह भी प्राकृति चीजों से ही बना हुआ होता है. यह देखने में इतना आकर्षक रहता है कि देखने वाले चौंक जाएंगे.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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