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गाने सुनते ही बदल जाता है मूड? जानिए कैसे म्यूजिक अंदर से आपको पॉजिटिव बनाता है

Updated at : 10 Oct 2025 8:46 PM (IST)
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Listening Music Benefits

संगीत का आनंद लेती एक महिला, Pic Credit- Chatgpt

Listening Music Benefits: जानिए कैसे संगीत सिर्फ मूड नहीं बल्कि दिमाग, भावना और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है. शोध में पता चला है कि सही गाने से तनाव कम होता है साथ ही फोकस और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और अंदर की क्षमता जाग्रत होती है.

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Listening Music Benefits: आपने अक्सर बस, ट्रेन में लोगों को म्यूजिक सुनते देखा होगा. बहुतों को कोई काम करते या गणित का प्रश्न सॉल्व करते हुए म्यूजिक सुनते देखा होगा. आपने कभी इस बारे में सोचने का कोशिश किया कि ऐसा क्यों करते हैं? क्या सिर्फ मूड बदलने के लिए यह सब किया जाता है. नहीं, दरअसल कई शोध में यह बात निकलकर सामने आयी है कि संगीत सिर्फ मूड ठीक नहीं करता है बल्कि यह हमारे दिमाग, भावना और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं. आइये जानते हैं कैसे.

डोपामाइन हार्मोन बढ़ाता है संगीत

म्यूजिक हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ाता है, जो खुशी और संतोष का अनुभव कराता है. साइकॉलोजी में बताया गया है कि तेज और उत्साह जगाने वाले म्यूजिक शरीर में ऊर्जा और मोटिवेशन बढ़ाते हैं. जबकि धीमी और सुकून देने वाली धुन तनाव कम करने में मदद करती हैं.

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मूड को पॉजिटिव बनाता है

साइकॉलोजी में यह भी बताया गया है कि सुबह-सुबह अपने पसंदीदा गाने सुनने से या दिनभर में छोटे ब्रेक पर संगीत का आनंद लेना मूड को पॉजिटिव बनाता है. साथ ही काम करते समय बैकग्राउंड म्यूजिक से फोकस और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है.

संगीत हमारी भावनाओं को संभालने का तरीका

वहीं, साइकॉलोजी टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संगीत हमारी भावनाओं को संभालने का एक तरीका देता है. उदास संगीत सुनने से हम मुश्किल परिस्थितियों से थोड़ा अलग होकर सिर्फ संगीत की खूबसूरती पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. इसके अलावा, अगर गाने के बोल हमारी जिंदगी के अनुभवों से मेल खाती हैं, तो यह हमारे भावनाओं को व्यक्त करने में मदद करता है, जिन्हें हम खुद बोल नहीं पाते. जबकि धीमा और सुकून देने वाला संगीत नकारात्मक भावनाओं को संभालने के लिए अच्छा होता है, जबकि तेज और भारी संगीत उतना प्रभाव नहीं डालता. वहीं खुशी और हल्के-फुल्के गाने सुनने से तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी हम दुनिया को पॉजिटिव नजरिए से देख सकते हैं. जिससे हम खुद को बेहतर महसूस कर सकते हैं.

अंदर की क्षमताओं को बढ़ाने में हेल्पफुल

वहीं, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संगीत को कैसे मूड रेजुलेशन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. जो हमें अंदर की क्षमताओं को बढ़ाने और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए संभावनाएं प्रदान करता है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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