करवा चौथ व्रत हो या फिर कोई भी उपवास, इतने सारे साइंटिफिक फायदे जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान!
चांद को देखती करवा का व्रत रखी पत्नी, Pic Credit0 Chatgpt
Karwa Chauth 2025: करवा चौथ को लोग सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण मानते हैं. लेकिन यह त्योहार सिर्फ पति की लंबी उम्र के लिए ही नहीं, बल्कि साइंस की नजर से भी यह व्रत शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. जानिए चांद और छलनी के साथ व्रत रखने के स्वास्थ्य लाभ.
Karwa Chauth 2025: करवा चौथ को बहुत सारे लोग धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण मानते हैं. लोगों की ऐसी मान्यता है कि यह त्योहार केवल घर की सुख, समर्द्धि और पति के लंबी उम्र की कामना के लिए की जाती है. लेकिन क्या यह सिर्फ यहीं तक सीमित है? नहीं. साइंस के नजरिये से देखें तो यह धार्मिक परंपरा के साथ साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. साइंस की मानें तो व्रत रखना शरीर को डिटॉक्स करने और मानसिक शांति पाने का एक बेहतर तरीका है. महिलाएं इस दिन सूर्योदय से लेकर चांद निकलने तक बिना अन्न-जल के व्रत रखती हैं.
डिटॉक्स और पाचन शक्ति में सुधार
करवा चौथ ही नहीं व्रत रखने से शरीर को लगातार भोजन पचाने की प्रक्रिया से आराम मिलता है. इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं. आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से डाइजेशन बेहतर होता है.
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वजन नियंत्रण और मेटाबॉलिज्म
लंबे समय तक उपवास रखने से कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है. इंटरमिटेंट फास्टिंग के रिसर्च बताते हैं कि नियमित उपवास से वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
इम्युनिटी मजबूत होती है
व्रत रखने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी कि इम्युनिटी भी मजबूत होती है. रिसर्च में पाया गया है कि समय-समय पर किया गया उपवास उम्र लंबी करने और कई बीमारियों से बचाने में सहायक होता है. यानी करवा चौथ का व्रत केवल परंपरा नहीं बल्कि विज्ञान और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा हुआ है. इसलिए इसे महिलाओं की आस्था का त्योहार मानने के साथ-साथ हेल्थ बेनिफिट्स को भी समझना जरूरी है.
मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
व्रत न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है बल्कि यह मेंटल हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है. अमेरिकन मीडिया ऑर्गेनाइजेशन साइकोलॉजी टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि व्रत इंसान को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. उपवास से मन में धैर्य, संयम और सकारात्मकता आती है. साथ ही परिवार और रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव भी गहरा होता है.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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