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Jharkhand Foundation Day 2022: बाईस साल का हुआ झारखंड, बिरसा मुंडा की जयंती पर हुई थी राज्य की स्थापना

Updated at : 15 Nov 2022 7:35 AM (IST)
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Jharkhand Foundation Day 2022: बाईस साल का हुआ झारखंड, बिरसा मुंडा की जयंती पर हुई थी राज्य की स्थापना

Jharkhand Foundation Day 2022, Birsa Mund Jayanti: 15 नवंबर साल 2000 को छोटानागपुर क्षेत्र को बिहार के दक्षिणी हिस्से से अलग किया गया था और इसे झारखंड नाम से एक अलग राज्य के रूप में जन्म दिया गया था. आज राज्य के गठन का 22वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है.

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Jharkhand Foundation Day 2022, Birsa Munda Jayanti 2022:  हर साल 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस मनाया जाता है.  साल 2000 में झारखंड राज्य की स्थापना हुई थी, इस साल राज्य अपना 22वां स्थापना दिवस मना रहा है.

15 नवंबर साल 2000 को छोटानागपुर क्षेत्र को बिहार के दक्षिणी हिस्से से अलग किया गया था और इसे झारखंड नाम से एक अलग राज्य के रूप में जन्म दिया गया था. इसके साथ ही झारखंड राज्य देश का 28 वां भारतीय राज्य बना. झारखंड के आदिवासियों ने बहुत पहले ही अपने लिए एक अलग राज्य की मांग की थी, क्योंकि आजादी के बाद से आदिवासी समुदाय और लोगों को सामाजिक आर्थिक लाभ बहुत कम मिला था.

जानें झारखंड राज्य के बारे में

आदिवासी राज्य झारखंड में 24 जिले हैं और झारखंड का कुल क्षेत्रफल लगभग 79,716 वर्ग किलोमीटर है.क्षेत्रफल के आधार पर देश का 15वां सबसे बड़ा राज्य है.झारखंड के अद्भुत झरने, पहाड़ी, वन्य जीव, अभ्यारण, दामोदर नदी पर पंचेत बांध और पवित्र स्थान जैसे बैद्यनाथधाम, पारसनाथ रजरप्पा जैसे क्षेत्र राज्य के पर्यटक आकर्षण के लिए जाने जाते हैं.झारखंड राज्य कोयला, लौह अयस्क, तांबा अयस्क, यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाइट पत्थर, चांदी और डोलोमाइट जैसे मिनरल सोर्स से समृद्ध राज्य है.

देश का 15वां सबसे बड़ा राज्य झारखंड

झारखंड राज्य भारत के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित है और इसे ‘जंगल ऑफ फॉरेस्ट’ या ‘बुशलैंड’ भी कहा जाता है. झारखंड राज्य में 24 जिले हैं. इस प्रदेश का कुल क्षेत्रफल लगभग 79 हजार 716 वर्ग किमी है, जो इसे क्षेत्रफल के आधार पर देश का 15वां सबसे बड़ा राज्य बनाता है. झारखंड के पर्यटक स्थल काफी आकर्षक हैं जैसे- यहां के अद्भुत झरने, दर्शनीय पहाड़ियाँ, वन्यजीव अभयारण्य, दामोदर नदी पर पंचेत बांध और पवित्र स्थान (बैद्यनाथ धाम, पारसनाथ, रजरप्पा) आदि. बता दें कि झारखंड राज्य कोयला, लौह अयस्क, तांबा अयस्क, यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाइट, चूना पत्थर, चांदी और डोलोमाइट जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है.

झारखंड राज्य के बारे में कुछ जरूरी तथ्य

झारखंड राज्य कोयला, लौह अयस्क, तांबा अयस्क, यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाइट, चूना पत्थर, चांदी, ग्रेफाइट, मैग्नेटाइट और डोलोमाइट जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है.

  • क्या आप जानते हैं कि झारखंड एकमात्र राज्य है जो कोकिंग कोल, यूरेनियम और पाइराइट का उत्पादन करता है?

  • औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड राज्य ने अप्रैल 2000 से दिसंबर 2018 के दौरान 113 मिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) इक्विटी प्रवाह को आकर्षित किया है.

  • झारखंड राज्य की 80% ग्रामीण आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है.

  • झारखंड राज्य की प्रमुख खाद्य फसल चावल है.
    झारखण्ड की सबसे प्रमुख बहुउद्देशीय विद्युत परियोजना दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) है.
     

  • उच्च न्यायालय रांची में है, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और कई अन्य न्यायाधीश हैं. उच्च न्यायालयों के नीचे; जिला अदालतें, उप-मंडल अदालतें, मुंसिफ अदालतें और ग्राम परिषदें हैं.

  • झारखंड में 500 से ज्यादा मेडिकल सेंटर हैं.कुछ बड़े और अच्छी तरह से सुसज्जित अस्पताल जमशेदपुर, रांची और धनबाद में स्थित हैं.कैंसर अस्पताल जमशेदपुर में स्थित है.तपेदिक, मानसिक बीमारी और कुष्ठ रोग का उपचार रांची के पास स्थित है.

  • प्रदेश में मौत का प्रमुख कारण सांस लेने में दिक्कत, पेचिश और डायरिया है.दूसरी ओर हैजा और मलेरिया भी होता है.

  • राज्य में रांची विश्वविद्यालय, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालय हैं.

  • झारखंड का सबसे मान्यता प्राप्त नृत्य छऊ है जो मूल रूप से दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में किया जाने वाला एक नकाबपोश नृत्य है.अन्य जनजातीय समारोहों में फूलों का त्योहार सरहुल के नाम से जाना जाता है, एक मवेशी उत्सव जिसे सोहराई के नाम से जाना जाता है और फसल के बाद का त्योहार जिसे मगे परब कहा जाता है.इसलिए 15 नवंबर 2000 को छोटा नागपुर क्षेत्र बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य यानि भारत का 28वां राज्य बना.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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