जम्मू-कश्मीर की झेलम नदी का है पाकिस्तानी कनेक्शन
Published by : Saurabh Poddar Updated At : 17 Apr 2024 2:41 PM
झेलम नदी 7,000 फुट गहरी खाई से निकलती है और पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में किशनगंगा नदी में इसका संगम हो जाता है.
जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को नाव पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 5 लोगों को डूबने से बचा लिया गया. यह घटना झेलम नदी में हुई. अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर झेलम नदी भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से होकर बहती है. यह पंजाब क्षेत्र की 5 नदियों में से एक है और सिंधु नदी में मिलकर विलुप्त हो जाती है. झेलम नदी की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के वर्नाग नामक स्थान से होती है. यह पीर पंजाल रेंज की उत्तरी ढलान से निकलकर कश्मीर घाटी से होकर श्रीनगर तक जाती है.

कुछ खास बातें
-झेलम नदी 7,000 फुट गहरी खाई से निकलती है और पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में किशनगंगा नदी में इसका संगम हो जाता है.
-साथ ही पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत से भी होकर यह नदी गुजरती है.
-725 किलोमीटर लंबी झेलम नदी, भारत और पाकिस्तान के लिए जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
-इस नदी में पानी हिमालय और काराकोरम पर्वतमाला की बर्फ पिघलने और बारिश पर निर्भर है.

आसपास लगे हैं औषधीय पौधे
झेलम नदी का तट औषधीय पौधों का खजाना है. नदी का पानी औषधीय गुणों से भरपूर है और इसके किनारे विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियां उगती हैं, जिनका इस्तेमाल दवा उद्योग में किया जाता है. जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिहाज से भी काफी लोकप्रिय है. भारत में बिजली उत्पादन में भी इस नदी का योगदान है. किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट और उरी बांध से जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी राज्यों को बिजली मिलती है.

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