Harihardham Temple Tour: रिकार्ड शादियों के लिए प्रसिद्ध है गिरीडीह का हरिहरधाम मंदिर, जानें कैसे पहुंचे यहां
Published by : Shaurya Punj Updated At : 28 Jul 2023 8:25 AM
Harihardham Temple Tour: बाबाधाम देवघर देवभूमि के बाद बगोदर-हजारीबाग रोड पर स्थित देवस्थल में हरिहरधाम मंदिर (Harihardham Temple) दूसरे स्थान पर आता है. यह केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत में विख्यात है.
Harihardham Temple Tour: सावन के महीने में देशभर के शिवालयों में भीड़ देखी जा सकती है. झारखंड राज्य का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवघर में है. देवघर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है. यहां बैद्यनाथ धाम मंदिर स्थित है. यहां सावन भर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा सकती है. बाबाधाम देवघर देवभूमि के बाद बगोदर-हजारीबाग रोड पर स्थित देवस्थल में हरिहरधाम मंदिर (Harihardham Temple) दूसरे स्थान पर आता है. यह केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत में विख्यात है.
दूसरे राज्यों से आते हैं श्रद्धालु
हरिहरधाम (Harihardham Temple) में ना केवल झारखंड से बल्कि देश के अलग अलग राज्य जैसे बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि से भक्त आते हैं. हरिहरधाम मंदिर के संस्थापक कोलकाता निवासी अमरनाथ मुखोपाध्याय ने मंदिर का नक्शा दिया था. मंदिर के बाहरी हिस्से में शिवलिंग की ऊंचाई 65 फीट है. ऊंचाई के साथ यह मंदिर शिवलिंग के आकार का है. मंदिर के अंदर भगवान शंकर का शिवलिंग विराजमान है. मंदिर का अंदरूनी भाग बेहद मनमोहक है. वहीं, शिवलिंग के सामने नंदी विराजमान है.
65 फीट ऊंचाई पर स्थित है हरिहरधाम शिवलिंग
हरिहरधाम (Harihardham Temple) पर स्थित शिवलिंग की ऊंचाई 65 फीट है. यह शिवलिंग एक मंदिर है. जबकि इसके अंदर छोटा सा एक और शिवलिंग स्थापित है, जिसकी पूजा की जाती है. कहा जाता है कि जिनकी शादी नहीं हो रही है वो यहां एक बार आये तो ये बात बन जाती है.
रिकार्ड शादियों के लिए जाना जाता है हरिहर धाम मंदिर
हरिहर धाम के बारे में बताया जाता है कि यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां होने वाली शादियां हर दूसरे साल अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देती है. अर्थात इस मंदिर में होने वाली शादियों का आंकड़ा अपने पिछले वर्ष से हर साल ज्यादा होता है.
महाशिवरात्रि पर भी होता है विशेष आयोजन
मंदिर परिसर में मां पार्वती, भगवान गणेश, हनुमान, राधा कृष्ण समेत अन्य देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियां विराजमान हैं. यहां महाशिवरात्रि को पूजा अर्चना के लिए सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुषों की भीड़ जुटती है. हरिहरधाम मंदिर पूजा अर्चना के साथ वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है. स्थानीय लोग बताते हैं कि हरिहरधाम की प्रसिद्धि अब शादी-ब्याह के निपटारे को लेकर लगातार बढ़ रहा है. यहां पर देश-विदेश से भक्त श्रावण मास की पूर्णिमा को इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं. इसके अलावा पर्यटक यहां पर सालों भर आते रहते हैं.
शिवलिंग बनने में लगे 30 साल
इस शिवलिंग की ऊंचाई 65 फीट है. यह मंदिर 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और एक नदी से घिरा हुआ है. विशाल शिवलिंग का निर्माण पूरा होने में लगभग 30 वर्ष लगे, कहा जाता है कि इससे मंदिर को बनने में 30 साल से अधिक का समय लगा, वह हिंदुओं के लिए विवाह का एक लोकप्रिय स्थान है.
श्रावण पूर्णिमा को होता है विशेष आयोजन
भगवान शिव की पूजा करने के लिए श्रावण पूर्णिमा के दिन यहां अच्छी खासी भीड़ देखी जा सकती है. श्रावण पूर्णिमा पवित्र श्रावण महीने की पूर्णिमा की रात को कहते है. यह त्योहारों और पवित्र अनुष्ठानों का महीना है. पवित्र श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के नाम से प्रसिद्ध नाग की पूजा का अनुष्ठान मनाया जाता है. अपने धार्मिक महत्व के कारण हरिहर धाम हिंदू धर्म के लोगों के लिए विवाह के लिए भी एक लोकप्रिय स्थान है. वास्तुकला की भव्यता के अलावा, यह मंदिर हिंदुओं द्वारा सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है.
हरिहर धाम कैसे पहुंचे
झारखंड की सड़कें अच्छी तरह से विकसित हैं और कई शहरों से बेहतर तरीके से जुड़ी हुई हैं. कोई भी व्यक्ति अपने निजी वाहन से भी वहां पहुंच सकता है क्योंकि यह प्रमुख शहरों से बेहतर जुड़ा हुआ है.
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रेलवे द्वारा:- निकटतम रेलवे स्टेशन हज़ारीबाग़ रोड है, यह मंदिर से केवल 13 किलोमीटर दूर है.
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हवाई मार्ग से:- निकटतम हवाई अड्डा बिरसा मुंडा हवाई अड्डा जो झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है. यह उससे लगभग 120 किलोमीटर ही दूर है.
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बस द्वारा:- कई निजी बसें सस्ते किराए में किसी भी समय हज़ारीबाग से विष्णुगढ़ रोड के माध्यम से चल रही हैं. यह सड़क प्रमुख सड़क लाइनों से अच्छी तरह जुड़ी हुई है.
हरिहरधाम के आस पास इन टूरिस्ट स्पॉर्ट को कर सकते हैं एक्सप्लोर
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बाबा बैद्यनाथ मंदिर
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बासुकीनाथ मंदिर
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त्रिकुटा पर्वत
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रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ
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नौलखा मंदिर
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देवघर
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बज्जू मंदिर
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नंदन पहाड़
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मयूराक्षी नदी
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माँ शीतला मंदिर
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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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