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Chhath Puja 2023 Live: छठ घाट पर पहुंचे व्रती, अब उगते सूर्य को अर्घ्य देने का इंतजार, जानें कब होगा सूर्योदय

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Chhath puja 2023 live : लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का आज आखिरी दिन है. छठ महापर्व करने वाले व्रतियों ने छठ घाटों पर पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे है. सभी व्रती भगवान सूर्य की आराधाना कर रहे है. इस दौरान देश भर के अलग-अलग छठ घाटों पर आस्था का श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा है. अब सभी व्रती उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए इंतजार कर रहे है. छठ घाट पर पूजन कर व्रती सुख समृद्धि के लिए छठी मईया से प्रार्थना कर रहे है . आज सुबह सूर्योदय के समय 6 बजकर 46 मिनट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व के व्रत का पारण किया जाएगा. छठ पूजा के समय यहा पढ़ें पूरी आरती…

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Chhath puja 2023 live :  अर्घ्य देने की विधि

आज सुबह शूप में केला, सेव, नारियल, नारंगी, नाशपाती आदि सजाकर नदी, तालाबों, झरना, या कृत्रिम जलाशय के पानी में घुसकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे. आज सुबह सूर्योदय के समय 6 बजकर 46 मिनट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व के व्रत का पारण किया जाएगा.

Chhath puja 2023 live : अब उगते सूर्य को अर्घ्य देने का इंतजार

छठ महापर्व के अंतिम दिन उदीयमान सूर्य और छठी मईया को उषाकालीन अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिवसीय इस पर्व का समापन हो जायेगा. पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण कर छठ व्रती पारण करेंगे और अपना 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास समाप्त करेंगे.

Chhath puja 2023 live : प्रकृति के देवता सूर्य की उपासना की

श्रद्धालुओं ने छठ पूजा के तीसरे दिन विधि विधान से अस्ताचलगामी सूर्य को सांध्य अर्घ्य अर्पित किया श्रद्धालुओं ने कमर भर पानी में खड़े होकर प्रकृति के देवता सूर्य की उपासना की और उनसे आशीर्वाद मांगा छठ घाटों पर श्रद्धालुओं ने भगवान भाष्कर को सांध्य अर्घ्य अर्पित किया

Surya Dev ki Aarti: सूर्य देव की आरती

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।

अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।

फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।

गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।

स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।

प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।

वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।

ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान..।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।

धरत सब ही तव ध्यान,

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

Chhath puja 2023 live : Chhath Puja Aarti: छठ मईया की आरती

जय छठी मईया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

Chhath puja 2023 live : सूर्य देव को कैसे दें अर्घ्य?

छठ पूजा में सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है. इस दिन सभी पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रख लें. नदी, तालाब या जल में प्रवेश करके सबसे पहले मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करें. इसके बाद सूर्य देव और अर्घ्य दें.

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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