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Chanakya Niti: शिक्षा भी इन लोगों को नहीं बना सकती बुद्धिमान, आखिर चाणक्य ने क्यों कही यह बात?

Updated at : 31 Mar 2025 6:15 PM (IST)
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chanakya niti

AI Generated Image

Chanakya Niti: आज हम आपको चाणक्य नीति में जिक्र किये गए कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनमें कितनी भी पढ़ाई करने के बाद भी बुद्धि का विकास नहीं होता है. चलिए जानते हैं.

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय से सबसे ज्ञानी व्यक्ति के तौर पर भी जाना जाता था. अपने जीवनकाल के दौरान इन्होंने कई तरह की नीतियों की रचना की जिन्हें बाद में हम सभी चाणक्य नीति के नाम से भी जानने लगे. अपनी नीतियों में चाणक्य ने कई तरह की बातों पर खुलकर चर्चा की है. अपनी इन्हीं नीतियों में आचार्य चाणक्य के कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी बताया है जिन्होंने भले ही काफी शिक्षा हासिल कर ली हो लेकिन इन लोगों को बुद्धिमान नहीं कहा जा सकता है. इस तरह के जो लोग होते हैं उन्हें शिक्षा मिलने पर भी वह इनके किसी काम की साबित नहीं होती है. चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

जिन लोगों में बुद्धि की कमी होती है

आचार्य चाणक्य की अगर माने तो शिक्षा उन लोगों के ही काम आती है जिन्हें सुनना, समझना और सोचना आता है. अगर किसी व्यक्ति में इन चीजों का आभाव है तो आप उसे कितनी भी शिक्षा दे लें यह उसके किसी काम नहीं आती है.

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जिन लोगों को सीखने की नहीं है चाह

चाणक्य नीति के अनुसार शिक्षा उन्हीं लोगों के काम आती है जो नयी चीजों को सीखना चाहते हैं. जिन लोगों को सीखने में दिलचस्पी नहीं है उन लोगों के लिए शिक्षा का कोई भी महत्व नहीं है.

जो लोग अपनी शिक्षा का इस्तेमाल नहीं करते

आपकी शिक्षा आपके किसी काम की नहीं होती अगर आप उसका इस्तेमाल अपने जीवन में नहीं करते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धि उन्हीं लोगों को मिलती है जो अपनी सीखी हुई चीजों को जीवन में इस्तेमाल करते हैं. उन लोगों के नहीं जो सिर्फ शिक्षा प्राप्त करते हैं.

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जिन लोगों में अनुशासन की कमी हो

शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुशासन और खुद पर नियंत्रण रखना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. अगर किसी व्यक्ति में इन चीजों की कमी है तो उसमें बुद्धि का विकास नहीं हो सकता है चाहे वह कितनी भी शिक्षा ग्रहण क्यों न कर लें.

बुरी संगत में रहने वाले लोगों को

आचार्य चाणक्य ने उन लोगों को चेतवनी दी है जो लोग अपना ज्यादातर समय गलत लोगों के बीच या फिर गलत संगति में बिताते हैं. इस तरह के जो लोग होते हैं वे लोग जीवन में हमेशा ही गलत फैसले लेते हैं. इन गलत लोगों के साथ रहने वालों में भी बुद्धि का विकास नहीं हो पाता है.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

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