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Chaitra Navratri 2023 prasad list: नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा को लगाएं अलग-अलग भोग, देखें लिस्ट

Updated at : 20 Mar 2023 12:52 PM (IST)
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Chaitra Navratri 2023 prasad list: नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा को लगाएं अलग-अलग भोग, देखें लिस्ट

Chaitra Navratri 2023 prasad list: चैत्र नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की अराधनी की जाती है. देवी दुर्गा के नौ अवतार मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री हैं.

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Chaitra Navratri 2023 prasad list: चैत्र नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की अराधनी की जाती है. देवी दुर्गा के नौ अवतार मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री हैं. जो साधन नौ दिनों तक माता की आराधना करता है वो नौ दिन देवी दुर्गा को अलग-अलग भोग लगा सकते हैं, इससे माता प्रसन्न होती है, देखें अलग-अलग भोग का महत्व-

पहला दिन: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देवी के चरणों में देसी घी चढ़ाकर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि प्रसाद भक्त को बीमारी और दर्द से रहित जीवन का आशीर्वाद दे सकता है.

दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी साधारण भोजन और भोग की प्रेमी हैं, और इसलिए देवी को चीनी और फलों का भोग लगाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह परिवार के सदस्यों को दीर्घायु प्रदान करता है.

तीसरे दिन: त्योहार के तीसरे दिन मां दुर्गा के उग्र अवतार को दूध, मिठाई और खीर का भोग लगाया जाता है. माना जाता है कि मां चंद्रघंटा सिंह की सवारी करती हैं और सभी बुराईयों का नाश करती हैं.

चौथा दिन: माना जाता है कि मां कुष्मांडा ने पूरे ब्रह्मांड का निर्माण किया – जिसे ब्रह्मांडा भी कहा जाता है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और देवी को मालपुए का भोग लगाते हैं.

पांचवां दिन: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन केले का भोग लगाकर मां शांडमाता की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि भोग भक्तों को स्वस्थ और फिट रख सकता है.

छठे दिन- त्योहार के छठे दिन मां दुर्गा के छठे अवतार – मां कात्यायनी को भोग के रूप में शहद चढ़ाया जाता है.

सातवां दिन: मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है. यह प्रसाद सातवें दिन ब्राह्मणों को भी दिया जाता है.

आठवां दिन: आठवें दिन मां महागौरी को भोग के रूप में नारियल का भोग लगाकर मां महागौरी की पूजा की जाती है.

नौवें दिन: त्योहार के नौवें और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को तिल या तिल चढ़ाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि देवी भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचाती हैं.

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Bimla Kumari

लेखक के बारे में

By Bimla Kumari

I Bimla Kumari have been associated with journalism for the last 7 years. During this period, I have worked in digital media at Kashish News Ranchi, News 11 Bharat Ranchi and ETV Hyderabad. Currently, I work on education, lifestyle and religious news in digital media in Prabhat Khabar. Apart from this, I also do reporting with voice over and anchoring.

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