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Ambedkar Jayanti 2022: आज मनाई जा रही है अंबेडकर जयंती, पढ़ें उनके अनमोल विचार

Updated at : 14 Apr 2022 7:58 AM (IST)
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Ambedkar Jayanti 2022: आज मनाई जा रही है अंबेडकर जयंती, पढ़ें उनके अनमोल विचार

Ambedkar Jayanti 2022: भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बेहतरीन कोट्स और मैसेज भेज सकते हैं और उन्हें इस दिन के महत्व के बारे में बता सकते हैं.

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Ambedkar Jayanti 2022, Dr Bhimrao Ambedkar Quotes: आज यानी 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है. इस दिन साल 1891 को मध्य प्रदेश के महू के एक गांव में भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था. बचपन से ही उन्हें आर्थिक और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बेहतरीन कोट्स और मैसेज भेज सकते हैं और उन्हें इस दिन के महत्व के बारे में बता सकते हैं.

  • आदि से अंत तक हम सिर्फ एक भारतीय है

  • जीवन लंबा होने की बजाए महान होना चाहिए.

  • यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए.

  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए.

  • मनुष्य की तरह विचार भी नश्वर हैं. एक विचार को प्रचारप्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं.

  • समानता एक कल्पना हो सकती हैं, लेकिन फिर इसे एक गवर्निंग सिद्धांत के रूप में स्वीकार करना होगा.”

  • “पतिपत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ट मित्रों के सम्बन्ध के समान होना चाहिए.”

  • “एक सुरक्षित से एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है.”

  • “हम सबसे पहले और अंत में, भारतीय हैं.”

  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है.

  • यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए.

  • हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है.

  • इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है.निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो.

  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए.

  • समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा.

  • यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा.

  • जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते,कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी है.

  • समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा.

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