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खूंटी का पंचघाघ जलप्रपात बनेगा मॉडल टूरिस्ट सेंटर, प्लास्टिक व थर्मोकोल पर रोक, ग्रामसभा ने सुनाया फैसला

Updated at : 28 Nov 2022 5:11 PM (IST)
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खूंटी का पंचघाघ जलप्रपात बनेगा मॉडल टूरिस्ट सेंटर, प्लास्टिक व थर्मोकोल पर रोक, ग्रामसभा ने सुनाया फैसला

खूंटी जिले के मुरहू की कोड़ाकेल पंचायत की मुखिया मरियम होरो की अगुवाई में कोलोम्दा, घघारी और कोड़ाकेल पंचायत की ग्राम सभा ने निर्णय लिया है. पंचघाघ को मॉडल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा. अब प्लास्टिक, थर्मोकोल व डिस्पोजल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. दोना-पत्तल का ही उपयोग कर सकेंगे.

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Jharkhand News: झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू की कोड़ाकेल पंचायत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पंचघाघ में अब प्लास्टिक, थर्मोकोल व डिस्पोजल का उपयोग नहीं कर सकेंगे. पंचघाघ में पिकनिक मनाने वाले सैलानियों द्वारा प्लास्टिक, थर्मोकोल एवं डिस्पोजल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा शराब पर भी रोक लगायी गयी है. पंचायत की मुखिया मरियम होरो की अगुवाई में कोलोम्दा, घघारी और कोड़ाकेल पंचायत की ग्राम सभा ने ये निर्णय लिया है. पंचघाघ को मॉडल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा.

पत्तल-दोना का कर सकेंगे उपयोग

मुखिया मरियम होरो ने बताया कि पंचायत चुनाव से पूर्व ही पर्यटन स्थल को सुंदर और स्वच्छ बनाने का वादा किया था. अब नया साल का मौका आ रहा है. ऐसे में पंचघाघ में बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं. पिकनिक मनाने के बाद गंदगी छोड़ जाते हैं. इसे देखते हुये लगातार ग्राम सभा की बैठक कर प्लास्टिक, थर्मोकोल और डिस्पोजल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है. उसके विकल्प के रूप में सैलानियों को गांव में ही बना पत्तल-दोना दिया जायेगा. इससे ग्रामीणों की आमदनी में भी वृद्धि होगी. इसके अलावा पंचघाघ में बांस के बने सामान, हैंडीक्राफ्ट, लोकल फ्रूट्स, ड्रैगन फ्रूट, लेमन ग्रास से बना उत्पाद भी लगाया जायेगा.

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दुकानों में उपलब्ध हैं दोना-पत्तल

मुखिया मरियम होरो ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से पंचघाघ को मॉडल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा. पंचघाघ में रविवार से प्लास्टिक, थर्मोकोल, डिस्पोजल के प्रयोग पर रोक लगा दी गयी है. सैलानियों के लिए पंचघाघ में बनी दुकानों में पत्तल-दोना उपलब्ध हो गये हैं. मुखिया ने बताया कि दुकानदारों से भी अपील की गयी है कि वे गांव में बने पत्तल-दोना का ही बिक्री करें. इस मुहिम में कोलोम्दा गांव के ग्राम प्रधान अर्जुन मुंडा, वार्ड सदस्य इंद्रावती देवी, घघारी गांव के ग्राम प्रधान सुशील मुंडा, वार्ड सदस्य निरल होरो, कोड़ाकेल के ग्राम प्रधान फौदा मुंडा, कोड़ाकेल के वार्ड सदस्य सोनी कुमारी, अमित महतो, नंदी सोय, आशा हपडगड़ा, फुलमनी देवी आदि का अहम योगदान है.

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रिपोर्ट : चंदन कुमार, खूंटी

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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