UP: कानपुर के युवाओं को सताया जान का खतरा, 22 दिन में 409 को आया हार्ट अटैक, 388 की उम्र 40 से कम, जानें वजह

Kanpur News: कानपुर में कड़ाके की ठंड के कारण यहां हार्ट अटैक के केस बढ़े हैं. युवाओं में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. ठंड ने युवाओं के दिल को कमजोर कर दिया है. पहली बार 23 से 40 वर्ष के युवाओ में तीन गुना हार्ट अटैक की वृद्धि का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. सबसे ज्यादा युवा 32 साल के हैं.
Kanpur News: कानपुर में पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण यहां हार्ट अटैक के केस बढ़े हैं. युवाओं में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. ठंड ने युवाओं के दिल को कमजोर कर दिया है. कानपुर में 22 दिनों तक पड़ी कड़ाके ठंड ने युवाओं को हार्ट अटैक का रोग दे दिया है.
पहली बार 23 से 40 वर्ष के युवाओ में तीन गुना हार्ट अटैक की वृद्धि का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. सबसे ज्यादा युवा 32 साल के हैं. कानपुर कार्डियोलॉजी ने नए वर्ष पर 22 दिनों की रिपोर्ट तैयार की है. पहली बार एलपीएस में 409 युवाओं को हार्ट की दिक्कत हुई है. 388 मरीजों में हार्ट अटैक की मुख्य वजह डॉक्टर ने तनाव, स्मोकिंग और अल्कोहल को माना गया है.
बताते चलें कि एलपीएस कार्डियोलॉजी ने 1 जनवरी से लेकर 22 जनवरी तक की रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें 409 युवाओं को हार्ट की दिक्कत से डायग्नोस किया गया है. इनमें 388 युवा तो 40 वर्ष से कम उम्र के हैं. जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने 16 युवाओं को पहली बार पेसमेकर दिया है. वहीं 79 युवाओं को एंजियोप्लास्टी की गई. इन 22 दिनों में कुल 200 मरीजों को एंजियोप्लास्टी और 29 मरीजों को पेसमेकर लगाना पड़ा है.
एलपीएस कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों ने युवाओं में हार्ट अटैक की मुख्य वजह स्मोकिंग, अल्कोहल का उपयोग और जीवन शैली संग मानसिक तनाव माना है. डॉक्टरों का कहना है कि कार्डियोलॉजी में आये मरीजों की केस हिस्ट्री में यह तथ्य सामने आए हैं. कार्डियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसके सिन्हा का कहना है कि जीवनशैली के साथ युवाओं के दिल की कमजोरी की तीन वजह सामने आ रही है.
युवा वर्ग लगातार तनाव में हैं, इससे कोर्टिसोल हार्मोन का कम-ज्यादा होने से हाइपरटेंशन एकदम से बढ़ता है, इसमें किसी को भी कभी हार्ट अटैक पड़ सकता है. हालांकि इस बार बीपी कम होने के केस भी देखे गए हैं. वही युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ने के लिए तनाव के बाद व्यसनों को भी जिम्मेदार माना है.
एलपीएस कार्डियोलॉजी का इंस्टीट्यूट के निदेशक विनय कृष्णा का कहना है कि जनवरी हार्ट अटैक के लिहाज से काफी चेतावनी भरा रहा है. पहले कार्डियोलॉजी में इतने युवाओं की संख्या नहीं रहती थी. इस बार मरीजों का भारी दबाव रहा है. इसलिए कार्डियोलाजी का विस्तार जरूरी है. बीते दिनों काफी ज्यादा मरीजों की संख्या देखने को मिली हैं. मरीजों की भीड़ को एक समय में इलाज करना हर डॉक्टर के लिए चुनौती बना रहा. कार्डियोलॉजी के विस्तार का प्रोजेक्ट शासन में विचाराधीन है.
रिपोर्ट: आयुष तिवारी
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By Prabhat Khabar News Desk
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