वोकेशनल की परीक्षा में नहीं हुआ थर्ड पार्टी मूल्यांकन, मिले 0 अंक, 100 बच्चे हुए फेल
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 08 Aug 2021 9:16 AM
झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा जारी इंटर की परीक्षा के रिजल्ट में वोकेशनल का कोर्स करने वाले करीब 100 परीक्षार्थियों को विषयवार शून्य अंक दे दिया गया है. जिससे सभी फेल कर गये. विभागीय गलती का खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ रहा है. फेल विद्यार्थी जहां अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
संदीप सावर्ण, जमशेदपुर: झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा जारी इंटर की परीक्षा के रिजल्ट में वोकेशनल का कोर्स करने वाले करीब 100 परीक्षार्थियों को विषयवार शून्य अंक दे दिया गया है. जिससे सभी फेल कर गये. विभागीय गलती का खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ रहा है. फेल विद्यार्थी जहां अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. वहीं स्कूल के प्रिंसिपल लगातार विभाग से पत्राचार कर रहे हैं. जिले के 11 स्कूलों में यह गड़बड़ी मिली है.
जिसे प्रैक्टिकल की परीक्षा लेनी थी, वे शहर पहुंचे ही नहीं : वोकेशनल के कोर्स में प्रैक्टिकल की परीक्षा के मूल्यांकन के लिए भारत सरकार द्वारा ही एजेंसी तय की जाती है. उक्त एजेंसी परीक्षार्थियों को परखने के बाद अंक देती है. वे सीधे जैक या फिर जेइपीसी को सील बंद लिफाफे में अंक सौंप देते हैं. लेकिन कोविड 19 की वजह से वोकेशनल कोर्स का थर्ड पार्टी मूल्यांकन करने वाली दिल्ली की एजेंसी पूर्वी सिंहभूम नहीं आयी. जिससे जिला शिक्षा विभाग की अोर से उक्त परीक्षार्थियों को प्रैक्टिकल में शून्य अंक देकर भेजा गया.
किस-किस स्कूल के परीक्षार्थी हो गये फेल : मनोहर लाल प्लस टू हाइ स्कूल, चाकुलिया, नरसिंहगढ़ हाई स्कूल, धालभूमगढ़, प्लस टू हाई स्कूल बांगुड़दा, प्लस टू हाई स्कूल खंदामौंदा, एसएस प्लस टू हाई स्कूल पटमदा, प्लस टू हाई स्कूल चाकड़ी.
जैक सचिव ने कहा- फेल छात्र घबराये नहीं, निकलेगा रास्ता : प्रभात खबर से बात करते हुए झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव महीप सिंह ने कहा कि ऐसी बात नहीं है कि दिल्ली से एजेंसी के प्रतिनिधि प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के लिए नहीं आये. कई जिले में उन्होंने विधिवत अंक लिया है. पूर्वी सिंहभूम जिले में कोविड के कारण नहीं जा सके. जिससे विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल का अंक जैक को नहीं मिल पाया. इस मामले पर जैक विचार कर रहा है. परीक्षार्थियों के हितों को देखते हुए जल्द ही कोई रास्ता निकाला जायेगा.
जैक की अोर से मैट्रिक-इंटर की परीक्षा में फेल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए कंपार्टमेंटल की परीक्षा का विकल्प दिया जा रहा है. जैक सचिव महीप सिंह ने बताया कि फेल विद्यार्थी अगर कंपार्टमेंटल की परीक्षा में शामिल होते हैं तो पास करने के बाद उन्हें जो मार्क्सशीट या सर्टिफिकेट मिलेगा, उसमें कंपार्टमेंटल शब्द का उल्लेख नहीं होगा.
श्री सिंह ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को लगता है कि पिछले दिनों जारी रिजल्ट में उन्हें कम अंक मिला है, तो वे अंक में सुधार करने के लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए शर्त यह रखी गयी है कि उन्हें पूर्व में हासिल अंक सरेंडर करने होंगे. अगर पूर्व के अंक में उन्हें 70 प्रतिशत अंक हासिल हुआ अौर अंक सुधरवाने वाली परीक्षा में वे अगर फेल हो जाते हैं, तो उन्हें फेल करार दिया जायेगा.
Posted by: Pritish Sahay
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