जमशेदपुर में KCC Eye Hospital की लापरवाही ने छीन ली 8 लोगों की आंखें, 11 माह बाद खुलासा, जानें पूरा मामला

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जमशेदपुर में KCC Eye Hospital की लापरवाही ने छीन ली 8 लोगों की आंखें, 11 माह बाद खुलासा, जानें पूरा मामला

जमशेदपुर से 45 किलोमीटर दूर घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र का कीताडीह गांव. यहां के आठ लोगों की आंखों की रोशनी सिस्टम ने छीन ली. दरअसल, 11 माह पूर्व आंख के इलाज के नाम पर इस गांव के आठ बुजुर्गों के साथ बरती गयी लापरवाही का मामला सामने आया है.

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जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित केसीसी आइ अस्पताल के लापरवाही की वजह से 8 लोगों के आंखों की रोशनी चली गयी. दरअसल मामला ये है कि जिले से 45 किलोमीटर दूर घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र का कीताडीह गांव है. 11 माह पूर्व मुफ्त में आंख के इलाज के नाम पर गांव के 8 बुजुर्गों की आखों का इलाज किया गया. हालांकि इस मामले में साकची पुलिस ने कालीमाटी रोड स्थित केसीसी आइ अस्पताल के संचालक समेत अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया है.

जानकारी के अनुसार, केसीसी आइ अस्पताल को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभ मिलता है. इसके बदले उनको गांवों से लोगों को लाकर मोतियाबिंद का इलाज कराना होता है. एजेंट और सहायिका के माध्यम से यह अस्पताल लोगों को लाकर इलाज करता है और फिर उनको वापस भेज देता है. पूरे मामले में एक सिंडिकेट के काम करने की आशंका है.

केसीसी अस्पताल संचालक पर एफआइआर दर्ज

कीताडीह क्षेत्र की आंगनबाड़ी सहायिका सोमवारी मुर्मू एक महिला को साथ में लेकर गांव आयी थीं. उक्त महिला ने ग्रामीणों को बताया कि जिन लोगों को आंखों में परेशानी है. वे मुफ्त में इलाज करा सकते हैं. उक्त महिला के कहने पर गंगाधर सिंह (65), छिता हांसदा (महिला), टेटे गिरी, डेबा मुर्मू, माजोल, भानु, माझी मुर्मू और पात्रो मुर्मू इलाज कराने को तैयार हो गये. सभी को 18 नवंबर 2021 को जमशेदपुर लाया गया.

यहां केसीसी आइ अस्पताल में इलाज किया गया. दूसरे दिन ही उन्हें गांव छोड़ दिया गया. इलाज के बाद उनकी आंखों में परेशानी होने लगी. गंगाधर सिंह ने बताया कि उनके साथ परिजनों को भी नहीं जाने दिया गया. उनको पहले रांची, फिर कोलकाता ले जाकर इलाज कराया गया. उसके बाद घर छोड़ दिया गया, लेकिन आंख की रोशनी नहीं लौटी. फिर आंखों में खुजली हुई. जब गंगाधर सिंह ने आंख को खुजलाया, तो आंख में लगा कांचनुमा बॉल गिर गया. इसके बाद खुलासा हुआ कि उनके साथ गलत हुआ है.

रिपोर्ट- ब्रजेश सिंह/ ऋषि तिवारी

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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