ePaper

सरकारी स्कूल के बच्चे अब भी आ रहे पुरानी ड्रेस में, 4 माह पहले बदली गयी थी पोशाक, जानें कारण

Updated at : 14 Oct 2022 4:37 PM (IST)
विज्ञापन
सरकारी स्कूल के बच्चे अब भी आ रहे पुरानी ड्रेस में, 4 माह पहले बदली गयी थी पोशाक, जानें कारण

पूर्वी सिंहभूम जिले में सरकारी स्कूलों के बच्चे अब भी पुरानी पेशाक में आ रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने चार माह पहले ही स्कूलों की पोशाक बदल थी. इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों के अपने-अपने तर्क हैं.

विज्ञापन

Prabhat Khabar Special: झारखंड सरकार की ओर से शैक्षणिक सत्र 2022-23 में सरकारी स्कूलों में बच्चों की ड्रेस में बदलाव किया गया. इस संबंध में 18 जुलाई, 2022 को  राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र भेजकर अलग-अलग कक्षाओं के लिए नये सिरे से निर्धारित ड्रेस के मापदंड की जानकारी दी थी. 21 सितंबर को राज्य परियोजना निदेशक ने एक और पत्र जारी कर छात्र-छात्राओं के स्वेटर का रंग निर्धारित करने की जानकारी दी. इसके तहत सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के लिए स्वेटर का रंग आसमानी नीला होगा. लेकिन, पूर्वी सिंहभूम जिले में अक्तूबर के दूसरे हफ्ते तक सरकारी स्कूलों में अधिकांश बच्चे पुरानी ड्रेस में आ रहे हैं. नयी ड्रेस की खरीद नहीं हो सकी है.

स्कूली बच्चों के बैंक अकाउंट खोलने का निर्देश

परियोजना निदेशक का दावा है कि ड्रेस के लिए जिलों को राशि आवंटित कर दी गयी है. खरीदारी के लिए गाइडलाइन तय है. लेकिन, डीइओ का कहना है कि जिन बच्चों का खाता उपलब्ध हैं, उन्हें पोशाक खरीदने के लिए राशि भेज दी गयी है. कक्षा एक-दो के बच्चों के लिए स्कूल प्रबंधन समिति को राशि का भुगतान किया गया है. जिन बच्चों का बैंक अकाउंट नहीं है. उन्हें खाता खोलने अथवा अपने अभिभावकों के खाते में नाम जोड़ने के लिए कहा गया है, ताकि खाते में पैसा भेजा जा सके.

तय राशि में नहीं हो पा रही खरीदारी, अधिकांश बच्चों को नहीं मिला आवंटन

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि पोशाक के मद में 600 रुपये आवंटित किये गये हैं. नये नामांकित बच्चों के नाम पर अब तक आवंटन नहीं आया है. जिन बच्चों को राशि मिली है, वह इस राशि में दो जोड़ी ड्रेस, जूता, मोजा नहीं खरीद पा रहे हैं. बड़े बच्चों की ड्रेस और महंगी है. इस कारण बच्चे पुरानी ड्रेस में आ रहे हैं. हाइस्कूल के शिक्षकों का भी कहना है कि विद्यालय में छात्र-छात्राएं पुरानी पोशाक में ही आ रहे हैं. अब तक पोशाक की राशि नहीं मिली है.

Also Read: Diwali 2022: इस दीपावली घरों के रंग-रोगन कराने में आपको करनी होगी जेब ढीली, 15% तक बढ़ेगा खर्च

बच्चों के पोशाक के लिए राशि आवंटित : जिला शिक्षा पदाधिकारी

इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला कुमारी बरेलिया ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चे के पोशाक के लिए राशि आवंटित की गयी है. जिन बच्चों का बैंक खाता है. उन्हें पैसे भेज दिये गये हैं. ड्रेस के लिए निर्धारित 600 रुपये में गुणवत्तायुक्त पोशाक नहीं मिल पा रहा है. इस समस्या को लेकर विभागीय बैठक में ध्यानाकर्षित कराया गया है. राशि में बढ़ोतरी की मांग की गयी है.

जिलों को राशि आवंटित कर दी गयी : राज्य परियोजना निदेशक

वहीं, राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने कहा कि जिलों को राशि आवंटित कर दी गयी है. नयी ड्रेस की खरीद के लिए नियमावली भी स्पष्ट है. कक्षा एक और दो के बच्चों की पोशाक खरीद की राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के खाते में भेजी जानी है.

बच्चों के लिए तय नये ड्रेस

कक्षा : बालक : बालिका
एक से पांच : हाफ पैंट-हाफ शर्ट- नीला-पिंक (ब्लू पाइपिंग सहित) : स्कर्ट-ब्लाउज – नीला-पिंक (ब्लू पाइपिंग सहित)
छह से आठवां : फुल पैंट एवं फुल शर्ट – हरा एवं सफेद चेक तथा हरे कलर सहित : सलवार एवं दुपट्टा-कुर्ता – हरा-हरा एवं सफेद चेक तथा हरे कलर सहित
9 से 12 : फुल पैंट एवं फुल शर्ट- हरा एवं सफेद चेक तथा हरे कलर सहित : सलवार एवं दुपट्टा-कुर्ता – हरा-हरा एवं सफेद चेक तथा हरे कलर सहित.

Also Read: Jharkhand News:झारखंड में असुर जनजाति के 40 बच्चों की पढ़ाई चार साल से रुकी, नाम तक नहीं लिख पा रहे बच्चे

विज्ञापन
Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola