दिवाली पर सूरन की सब्जी खाने की खास वजह क्या है, जानिए कहां से आई ये परंपरा

Diwali 2022: आम दिनों में भी घरों में सूरन या जिमीकंद की सब्जी लगभग न के बराबर बनती है, लेकिन दिवाली के खास मौके पर इसे घरों में बनाना बेहद शुभ माना जाता है. घर के बड़े बुजुर्ग दिवाली के दिन सूरन की सब्जी बनाने की डिमांड करते हैं.
Diwali 2022: आम दिनों में भी घरों में सूरन या जिमीकंद की सब्जी लगभग न के बराबर बनती है, लेकिन दिवाली के खास मौके पर इसे घरों में बनाना बेहद शुभ माना जाता है. घर के बड़े बुजुर्ग दिवाली के दिन सूरन की सब्जी बनाने की डिमांड करते हैं. यूपी-बिहार में लगभग सभी इलाकों में दिवाली पर सूरन या जिमीकंद बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. जानें सुरन की सब्जी का दीवाली से नाता…
हिंदू धर्म में दिवाली पर सूरन की सब्जी बनाने और खाने की परंपरा काशी यानी बनारस से चली आ रही है. दिवाली के दिन इसकी सब्जी पूरे परिवार के लिए बनाई जाती है. यह गोलाकार एक ऐसी सब्जी है, जिसे मिट्टी के नीचे आलू की तरह उगाया जाता है और इसकी जड़ को खोदकर निकाला जाता है, कहा जाता है कि इसे हटाने के बाद भी इसकी जड़ें मिट्टी में और अगली दिवाली तक उसी जड़ से बनी रहती हैं, जिसके कारण सूरन फिर से तैयार हो जाता है. इसकी यही विशेषता के कारण दीपावली पर्व की प्रगति और समृद्धि से जोड़ती है, जिसके कारण दिवाली के दिन इसे घर में पकाना और खाना दोनों ही बहुत शुभ माना जाता है.
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सूरन की सब्जी दिखने में गोलाकार होती है, इसे काटना और पकाना दोनों बहुत मुश्कित है. सूरन की सब्जी को काटने के दौरान हाथ में खुजली होने लगती है, ये सब्जी आलू और अन्य सब्जियों के मुकाबले देरी से पकती है. बताएं आपको कि इसे काटने के लिए एक विशेष विधि और उपकरण की आवश्यकता होती है, इसे तेल लगे हाथों से काटा जाना चाहिए और खुजली को खत्म करने के लिए नींबू का रस छोड़ा जाता है.
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सूरन या जिमीकंद का निर्माण दिवाली के आसपास ही होता है. इसमें बहुत अच्छे एंटीऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसके अलावा कई विटामिन और मिनरल भी होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. यह कैलोरी, वसा, कार्ब्स, प्रोटीन, पोटेशियम, घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है. सूरन कैंसर के इलाज में भी काफी कारगर है.
शुगर की बीमारी में जिमीकंद बहुत फायदेमंद होता है. जिमीकंद में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है. डायबिटीज के मरीज इसे आराम से खा सकते हैं और हर हफ्ते इसका सेवन करने से कई लोगों का ब्लड शुगर ठीक हो जाता है. जिमीकंद के कई फायदे भी हैं, इसलिए इसे त्योहार से जोड़ा गया. इसे बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. माना जाता है कि इसी गुण के कारण इसे दिवाली पर खाना अनिवार्य कर दिया गया है.
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By Bimla Kumari
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