Rarest Blood Group: सोने से भी बढ़कर है यह ब्लड ग्रुप, दुनिया में मिला सिर्फ 45 लोगों में, जानें खूबी

Rarest Blood Group
Rarest Blood Group: आमतौर पर ए, बी, एबी, ओ पॉजिटिव और निगेटिव ब्लड ग्रुप पाया जाता है. लेकिन एक दुर्लभ ब्लड ग्रुप और होता है.
Rarest Blood Group: सामान्य तौर पर आम आदमी 8 तरह के ब्लड ग्रुप की जानकारी रखता है, जिनमें ए, बी, एबी और ओ पॉजिटिव के साथ निगेटिव ब्लड ग्रुप शामिल है. लेकिन इसके अलावा भी एक और ब्लड ग्रुप होता है, जिसकी पहचान आरएच नल (RH null) ब्लड ग्रुप के नाम से की जाती है. आइए जानते हैं कि इस ब्लड ग्रुप की खोज कब हुई और क्या खूबी है.
RH null एक दुर्लभ ब्लड ग्रुप
RH null एक दुर्लभ ब्लड ग्रुप है. यह ज्यादा इंसानों में नहीं मिलता है. एक रिसर्च रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस प्रकार का ब्लड ग्रुप दुनिया के सिर्फ 45 लोगों में ही मिला है. जिसकी वजह से ही इसे गोल्डन ब्लड ग्रुप के रूप में भी पहचाना जाता ह��. यह ब्लड ग्रुप उन्हीं इंसानों में पाया जाता है, जिसमें RH फैक्टर null होता है.
RH null ब्लड ग्रुप की खूबी
RH null ब्लड ग्रुप में एक बहुत बड़ी खूबी होती है. जरुरत पड़ने पर इसे किसी भी तरह के ब्लड ग्रुप में चढ़ाया जा सकता है. यह अन्य किसी भी ब्लड ग्रुप से मैच कर सकता है. लेकिन इस ब्लड ग्रुप की एक कमी है. इस ग्रुप वाला व्यक्ति इसी ग्रुप के व्यक्ति का खून ले सकता है. इसी वजह से यह काफी महंगा भी होता है. इसके अलावा इस ग्रुप के व्यक्ति में एंटीजन नहीं होता है, जिसके कारण ऐसे व्यक्ति एनीमिया से ग्रसित पाए जाते हैं.
इस साल हुई थी खोज
वैज्ञानिकों ने इस ब्लड ग्रुप की खोज साल 1960 में की थी. दरअसल, RH खून में एक खास तरह का प्रोटीन होता है, जो कि पॉजिटिव होता है या फिर निगेटिव. लेकिन इस ब्लड ग्रुप के लोगों में यह प्रोटीन नल होता है.
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By Shashank Baranwal
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