Multiple Personality Day आज, जानें इसके लक्षण और इलाज

Published by : Shweta Pandey Updated At : 05 Mar 2024 8:22 AM

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Multiple Personality Day 2024: हर साल 5 मार्च को डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर के रूप में मनाया जाता है. चलिए जानते हैं इसका इतिहास, मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण, कारण और इलाज…

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Multiple Personality Day: डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर, जिसे मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के रूप में भी जाना जाता है, वह स्थिति है जहां एक व्यक्ति मानता है कि उसके दिमाग के अंदर कई लोग रहते हैं. प्रत्येक व्यक्ति की अपनी पसंद, नापसंद, इतिहास और व्यक्तित्व होते हैं. वे अक्सर कई व्यक्तित्वों द्वारा नियंत्रित होते हैं और उन्हें अपना सामान्य जीवन जीने में कठिनाइयों का सामना करना पडता है. लोगों को मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 5 मार्च को डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर के रूप में मनाया जाता है. चलिए जानते हैं इसका इतिहास, मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण, कारण और इलाज…

मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर तारीख और इतिहास

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हर साल, डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर जागरूकता दिवस 5 मार्च को मनाया जाता है. इस वर्ष महत्वपूर्ण दिन मंगलवार को पड़ता है. बात करें इतिहास की तो मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर बचपन के आघात, पिछले दर्दनाक अनुभवों और दुर्व्यवहार के परिणामस्वरूप होता है. डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर के उपचार में टॉक थेरेपी, संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी और मनोचिकित्सा शामिल हैं.

मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण

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मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर एक गंभीर बीमारी है यह किसी भी व्यक्ति को कभी भी अपना शिकार बना लती है. मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण बहुत ही समान्य है. हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो जो लोग इस बीमारी के शिकार हैं उन्हें समय का पता नहीं चलता है. मल्टीपल पर्सनैलिटी के लोग हमेशा अपने मन में उलझन या भ्रम बनाएं रखते हैं. ऐसे लोगों की मेमोरी बहुत ही कमजोर होती है. रेगुलर बिहैवियर से अलग बिहैव करते हैं. एक से ज्यादा पर्सनॉलिटी को दिखाना और डिटैचमेंट की भावना होती है.

मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का इलाज

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डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर, जिसे मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के नाम से जाना जाता है. जो लोग इसके शिकार होते हैं ऐसे लोगों का इलाज साइकोलॉजिस्ट करते हैं. टॉकिंग थेरपी की हेल्प से पहले इस समस्या की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जाती है और इसका इलाज किया होता है.

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