1. home Hindi News
  2. health
  3. free me ganjepan ka ayurvedic ilaj hair fall rokne ka gharelu upay bihar hospital baldness symptoms treatment home remedy cure latest health news hindi smt

गंजेपन का मुफ्त इलाज कर रही बिहार की ये सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल, ढाई माह का है ट्रीटमेंट

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Baldness free treatment, ganjepan ka ayurved ilaj
Baldness free treatment, ganjepan ka ayurved ilaj
Prabhat Khabar Graphics

Ganjepan Ka Ayurvedic Ilaj, Gharelu Upay, Baldness Treatment, Home Remedy, Symptoms, cure, Treatment : पटना (साकिब) : अगर आप के सिर में गंजापन बढ़ता जा रहा है या बाल झड़ रहे हैं. सिर की त्वचा से जुड़ी कोई बीमारी है या फिर सिरदर्द से परेशान रहते हैं, तो आयुर्वेदिक तरीके से बिहार में इसका बेहतर इलाज अब करवा सकते हैं. राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में पंचकर्म की प्रसिद्ध शिरोलेप चिकित्सा अब शुरू हो गयी है. यह चिकित्सा शुरू करने वाला यह राज्य का पहला आयुर्वेदिक अस्पताल है.

इससे पहले इस तरह की चिकित्सा केरल, कर्नाटक आदि राज्यों में थी. इस खास तरह की पंचकर्म चिकित्सा में सिर पर विभिन्न तरह की जड़ी-बूटी को पीस कर बनाया गया लेप लगाया जाता है. लेप लगाकर उसे अंडी के पत्ताें से ढक कर बांध दिया जाता है और इसे करीब 45 मिनट तक ऐसे ही रखा जाता है. बीमारी के मुताबिक इसे एक से ज्यादा बार किया जा सकता है. इसे विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही किया जाता है. इस दौरान आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है ताकि मरीज की आंखों में दवा नहीं लग जाये.

केरल और कर्नाटक से आये हैं यहां के पंचकर्म विशेषज्ञ

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में पंचकर्म की सुविधा पहले से थी, लेकिन विशेषज्ञों की कमी के कारण पंचकर्म के अंतर्गत होने वाला शिरोलेप चिकित्सा नहीं हो पाती थी. लेकिन पिछले दिनों यहां दो पंचकर्म विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है.

इन दोनों विशेषज्ञों ने पंचकर्म में ही एमडी किया है. इससे पहले यहां पंचकर्म में एमडी डॉक्टर नहीं थे. इसमें पहले प्रोफेसर डॉ शिवा प्रसाद हैं. इन्होंने कर्नाटक से एमडी किया था और केरल, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में लंबे समय तक काम किया है. वहीं दूसरी विशेषज्ञ डॉ पूनम कुमारी हैं. इन्होंने केरल से ही पंचकर्म में एमडी किया है. इन दोनों के आने से यहां पंचकर्म चिकित्सा के सभी रूप यहां होने लगे हैं. अब यहां शिरोलेप के साथ ही शिरोधारा और शिरोबस्ती चिकित्सा भी होने लगी है.

आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में नि:शुल्क होता है पंचकर्म

कदमकुआं स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में पंचकर्म नि:शुल्क होता है. यहां हमेशा इसके लिए 25 से 30 मरीज भर्ती रहते हैं. 15 दिन से लेकर ढाई माह तक इसे किया जाता है. कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ दिनेश्वर प्रसाद बताते हैं कि पंचकर्म शरीर को आंतरिक रूप से शुद्ध करने की चिकित्सा है. यह शरीर से सभी तरह के विषैले तत्वों को बाहर निकालता है. इसे रोगी ही नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति भी करवा सकते हैं. इससे कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है. वहीं यह कराने के बाद व्यक्ति बीमारियों से लंबे समय तक सुरक्षित भी रहता है.

Posted By : Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें