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दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन की 216 करोड़ खुराक का उत्पादन करेंगी आठ कंपनियां

Updated at : 14 May 2021 10:08 PM (IST)
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दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन की 216 करोड़ खुराक का उत्पादन करेंगी आठ कंपनियां

Corona vaccine, Central government, Covaxin : नयी दिल्ली : देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच सरकार का इस साल सभी लोगों को वैक्सीन की खुराक देने की तैयारी में है. वहीं, रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दमित्रिएव ने शुक्रवार को कहा कि भारत में इस साल स्पुतनिक-वी का 85 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन किया जायेगा. हालांकि, इनमें से 15.6 करोड़ ही भारत को मिलने की उम्मीद है.

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नयी दिल्ली : देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच सरकार का इस साल सभी लोगों को वैक्सीन की खुराक देने की तैयारी में है. वहीं, रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दमित्रिएव ने शुक्रवार को कहा कि भारत में इस साल स्पुतनिक-वी का 85 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन किया जायेगा. हालांकि, इनमें से 15.6 करोड़ ही भारत को मिलने की उम्मीद है.

मालूम हो कि वैक्सीन उत्पादन को लेकर नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने भी कहा है कि भारत में वैक्सीन उत्पादन की मात्रा बढ़ायी जा रही है. अगस्त से दिसंबर तक भारत में कोविशील्ड की 75 करोड़ और कोवैक्सीन की 55 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इससे देश में दिसंबर तक सभी लोगों को वैक्सीनेट किया जा सकेगा.

कोरोना वैक्सीन का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक ने तीन कंपनियों से समझौता किया है. इनमें दो पीएसयू केंद्र सरकार और एक पीएसयू राज्य सरकार का है. भारत बायोटेक ने इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल) और भारत इम्‍यूनोलॉजिकल्‍स एंड बॉयोलॉजिकल्‍स लिमिटेड (बीआईबीसीओएल) के अलावा राज्य सरकार के उपक्रम- हाफकीन संस्थान के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता किया है.

बताया जाता है कि केंद्र सरकार उपरोक्त सभी तीनों उपक्रमों को पर्याप्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करा रही है. केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स लिमिटेड इस साल सितंबर से कोवैक्सीन का उत्पादन करने की स्थिति में होगा. वहीं, हाफकीन संस्थान और बीआईबीसीओएल इस साल नवंबर से कोवैक्सीन का उत्पादन शुरू कर देगा.

भारत बायोटेक और कुछ अन्य पीएसयू के साथ-साथ निजी कंपनियों के साथ भारत सरकार प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते की कोशिश कर रही है. यह देश में कोवैक्सीन के उत्पादन को और आगे बढ़ायेगा और संवर्धित करेगा.

इसके अलावा, भारत सरकार देश में आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन करने को लेकर विदेशी टीका उत्पादकों जैसे मोडेर्ना और फाइजर आदि कंपनियों के साथ भी लगातार जुड़ी हुई है, जिससे इन वैक्सीनों का आसानी से आयात किया जा सके और भारत में उपलब्ध कराया जा सके.

भारत में कोविशील्ड, कोवैक्सीन के अलावा स्पूतनिक-वी उपलब्ध करायी जा रही है. आज शुक्रवार को हैदराबाद में स्पूतनिक-वी का पहला वैक्सीन दिया गया. इसके अलावा बायो ई सब युनिट वैक्सीन, जायडस कैडिला डीएनए, नोवावैक्स, भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन और जिनोवा वैक्सीन भी इस साल के अंत तक उपलब्ध होगी.

जानकारी के मुताबिक, इस साल के अंत तक 216 करोड़ वैक्सीन भारत में उपलब्ध हो सकेगी. इसमें कोविशील्ड की 75 करोड़, कोवैक्सीन की 55 करोड़, बायो ई सब यूनिट वैक्सीन की 30 करोड़, नोवावैक्स की 20 करोड़, स्पूतनिक-वी की 15 करोड़, भारत बायोटेक नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ जिनोवा की 6 करोड़ और जायडस कैडिला डीएनए की 5 करोड़ खुराक शामिल हैं.

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