कोरोना को हराने के लिए बाबा रामदेव ने बताया उपाय : गिलोय के साथ तुलसी और हल्दी का करें नियमित सेवन

कोरोन फैलने का सबसे बड़ा कारण हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना है
नयी दिल्ली : कोरोना वायरस ने चीन सहित लगभग 60 देशों को अपने चपेट में ले लिया है. भारत भी इसके प्रकोप से अछूता नहीं रहा. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों से कोरोना प्रभावित लोगों की खबर आ रही है. इस बीच कोरोना से बचने के कई उपाय और सावधानियों पर चर्चा हो रही है.
एक टीवी साक्षात्कार में योगगुरु बाबा रामदेव ने कोरोना से बचने के कारगर उपाय बताये. टीवी एंकर ने बाबा रामदेव से पूछा कि क्या कोरोना जैसे वायरस से बचाव के उपाय आयुर्वेद में है. इस पर बाबा ने कहा, कोरोन फैलने का सबसे बड़ा कारण है, हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना. हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण कोरोना सीधे दिल और ब्रेन पर अटैक करता है और उसे ध्वस्त कर देता है.
कोरोना से बचने के लिए बाबा रामदेव ने बताया कि गिलोय, जो की पूरे देश में मिलता है, खास कर दिल्ली में, उसमें थोड़ी काली मिर्च, तुलसी और हल्दी को मिलाकर काढ़ा बना लेना है और फिर उसका सेवन नियमित रूप से करें. इसके नियमित रूप से सेवन करने से कोरोना के जो लक्ष्ण हैं उसपर तुरंत असर करता है. बुखार को तुरंत नियंत्रित करता है और रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
बाबा रामदेव ने बताया गिलोय किसी भी तरह के वायरस को मारने के लिए सबसे कारगर औषधी है. इसके अलावा बाबा रामदेव ने बताया गिलोय के सेवन के साथ-साथ हमें नियमित रूप से प्रणायाम करना चाहिए, इसमें यह काफी कारगर साबित होगा. सबसे पहले भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम करना चाहिए. प्राणायाम करने से हमारे शरीर का रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
टीवी एंकर कर सवाल : क्या गिलोय समान्य सर्दी-जुकाम के लिए भी कारगर है
बाबा का जवाब : जिसको भी सर्दी-जुकाम, कफ में अचुक औषधी है गिलोय. तुलसी, गिलोय और हल्दी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से सर्दी- जुकाम में राहत मिलेगा. इसका सेवन प्राचीन समय से लोग करते आ रहे हैं. इससे बुखार में बड़ी राहत मिलती है. गिलोय सबसे बड़ा एंटीबायोटिक है.
टीवी एंकर का सवाल : कोरोना वायरस को लेकर परेशान लोगों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे
बाबा का जवाब : कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और चीन समेत 60 देश इसके चपेट में है, वैसे समय में मैं तीन देशों की यात्रा कर लौटा हूं. मुझे कुछ नहीं हुआ. मैं आराम से बैठा रहा. हर सर्दी-जुकाम को कोरोना न मानें. बाबा ने अफवाहों से बचने का संदेश दिया. बाबा ने कहा, जो लोग कोरोना से संक्रमित हैं उनसे दूरी बनाकर रखें. उनके संपर्क में न रहें.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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