Anxiety: एंग्जाइटी क्या है? इससे निपटने के आसान तरीके जानें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 May 2022 5:54 PM

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Anxiety: एंग्जाइटी या चिंता एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है जिसे भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ ही पूरा किया जाना चाहिए. जानें इस समस्या से निपटने के आसान तरीके.

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Anxiety: चिंता या एंग्जाइटी शरीर की एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है, जिसमें तर्क का कोई आधार नहीं होता. जब हम किसी चिंतित प्रियजन के साथ व्यवहार कर रहे होते हैं, तो हमारी प्रतिक्रिया तर्क की होती है. हम प्रतिक्रिया के आधार, स्थिति और संभावना पर सवाल उठाते हैं और तर्क के साथ व्यक्ति को शांत करने का प्रयास करते हैं. हालांकि मनोचिकित्सक कहते हैं, अक्सर चिंता तर्क का जवाब नहीं देती है. यह एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है जिसे भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ पूरा किया जाना चाहिए.

चिंता या एंग्जाइटी से अपने प्रियजनों को बाहर निकालने के तरीके जानें…

उनकी जरूरत पूछें – कुछ लोग, चिंता में, अपनी रणनीति बनाते हैं. कभी-कभी उन्हें सिर्फ सुनने की जरूरत होती है. वहां रहें और उन्हें वह करने दें जो उन्हें खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए बोलना है या वे जो बोलना चाहते हैं.

समय दें – यह सबसे अच्छा है कि उन्हें वह समय दिया जाए जो उन्हें शांत होने और खुद को आराम देने के लिए चाहिए.

परिवेश बदलें – अपने प्रियजन से पूछें कि क्या परिवेश बदलने से उन्हें बेहतर महसूस हो सकता है. कभी-कभी चिंता में पड़े लोगों के लिए बदलाव जरूरी होता है. आप अपने प्रियजन को आराम देने के लिए, चिंता से दूर करने के लिए टहलने या किसी शांत जगह पर जाने की पेशकश कर सकते हैं.

एकांत चाहिए या किसी की संगति – चिंता में डूबे लोग कभी एकांत में आराम पाते हैं, तो कभी दूसरों की संगति में. ऐसे में आप उनसे पूछें कि या जानने की कोशिश करें की उन्हें क्या चाहिए.

अच्छे श्रोता बनें – कभी-कभी वे स्मार्ट उत्तर या तेज समाधान की तलाश में नहीं होते हैं. वे सिर्फ सुनाना चाहते हैं. ऐसे में आप एक अच्छे श्रोता बन कर उन्हें सुनें.

स्पेस या स्पर्श – कभी-कभी एक प्यार या अपनेपन से भरा स्पर्श बहुत मायने रख सकता है, जबकि कभी-कभी उन्हें वह स्पेस देना जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है, उन्हें बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है. उनसे पूछें कि वे क्या चाहते हैं और उसी के अनुसार करें.

प्यार का इजहार करें – कभी-कभी चिंता में डूबे लोग महसूस कर सकते हैं कि दायित्व की भावना से उन्हें दूसरों द्वारा दिलासा दिया जा रहा है. उन्हें एहसास कराएं कि यह प्यार, स्नेह और देखभाल किसी दायित्व की भावना से अलग है.

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एहसास कराएं कि यह समय भी बीत जाएगा – चिंता से ग्रसित व्यक्ति को आश्वस्त करते रहें कि वे इससे निकल सकते हैं और समय के साथ यह समय भी बीत जाएगा.

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