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झारखंड : गुमला में 4.40 लाख हेक्टेयर जमीन पर वृक्षारोपण की तैयारी, हाथियों को रोकने के लिए लगेंगे बांस के पौधे

Updated at : 21 Jul 2023 8:44 PM (IST)
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झारखंड : गुमला में 4.40 लाख हेक्टेयर जमीन पर वृक्षारोपण की तैयारी, हाथियों को रोकने के लिए लगेंगे बांस के पौधे

गुमला में हाथियों को गांव में घुसने से रोकने, ग्रामीणों को रोजागार मुहैया कराने और पर्यावरण में संतुलन बनाये रखने के उद्देश्य से जिले में वृक्षारोपण होगा. चार लाख से अधिक हेक्टेयर भूमि पर करीब साढ़े चार लाख पौधे लगाये जाएंगे. हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए बांस के पौधे लगाये जाएंगे.

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गुमला, जगरनाथ पासवान : गुमला जिला में लगभग 4.40 लाख हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण किया जायेगा. वृक्षारोपण का कार्य वन प्रमंडल गुमला द्वारा कराया जायेगा. वन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है. वन प्रमंडल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 4.40 लाख हेक्टेयर भूमि पर लगभग 4.32 लाख वृक्षारोपण किया जायेगा. वृक्षारोपण के लिए स्थल चिह्नित कर लिया गया है. मुख्य रूप से अधिसूचित वन भूमि अंतर्गत जंगल के किनारे और बीच में, समतल मैदान, स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे, तालाबों व नदियों के किनारे तथा स्कूल परिसरों में वृक्षारोपण किया जायेगा.

ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

अधिसूचित वन भूमि अंतर्गत जंगल के किनारे, जंगल के बीच में समतल मैदान समेत स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे तथा तालाबों व नदियों के किनारे वृक्षारोपण का कार्य स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कराया जायेगा, ताकि उनलोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके. वहीं, वृक्षारोपण में किस-किस प्रकार के वृक्षों को लगाये जाएंगे. विभाग द्वारा इसका भी चयन कर लिया गया है. जंगली प्रजाति के वृक्ष, कटहल, पीपल, बर, साल, सागवान, आसन, गुलमोहर समेत अन्य वृक्षों का वृक्षारोपण कराया जायेगा.

चिड़ियों के लिए कटहल व पीपल, तो गांव में हाथियों के घुसने से रोकने के लिए लगेगा बांस

चिड़ियों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए कटहल और पीपल का वृक्षारोपण कराया जायेगा. जंगली हाथियों के गांवों की ओर रूख करने से रोकने के लिए बांस लगाया जायेगा. कई बार ऐसा हुआ है कि हाथी जंगल से निकलने के बाद गांवों की ओर रूख करते हैं. जिससे गांवों में जान-माल की क्षति होती है. इसके निदान के उद्देश्य से जंगलों के किनारे बांस लगाया जायेगा. वहीं, जंगल के किनारे, जंगल के बीच में और समतल मैदान में जंगली प्रजाति का वृक्षारोपण कराया जायेगा. विशेषकर साल, सागावान, आसन जैसे काष्ठ प्रजाति के वृक्षों का वृक्षारोपण कराया जायेगा.

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आम, कटहल और बेर का पौधरोपण होगा

जंगल से सटे गांवों के लोगों का आय का एक मुख्य साधन वनोत्पाद भी है. जिसे ध्यान में रखते हुए आम, कटहल और बेर का वृक्षारोपण कराया जायेगा. इसी प्रकार स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे गुलमोहर समेत अन्य फूलों वाले वृक्षों तथा नदियों व तालाबों के किनारे काष्ठ प्रजाति के वृक्षों का वृक्षारोपण कराया जायेगा.

पर्यावरण में संतुलन बनाये रखना वृक्षारोपण का उद्देश्य : डीएफओ

इस संबंध में गुमला के डीएफओ अहमद बेलाल अनवर ने कहा कि वन विभाग की ओर से वृक्षारोपण के लिए तैयारियां पूरी कर ली गयी है. पिछले दिनों 74वां वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण कर इसकी शुरुआत की गयी. वृक्षारोपण का उद्देश्य पर्यावरण में संतुलन बनाये रखना है. वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण को संतुलित रखने की दिशा में वन विभाग प्रयासरत है. लेकिन, इसमें आमजनों की भी भागीदारी जरूरी है.

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