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गढ़वा के टाटीदरी गांव में घंटों बंधक बने अधिकारी और अमीन, मौखिक दान की जमीन को लेकर है विवाद

Updated at : 19 Sep 2022 9:48 PM (IST)
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गढ़वा के टाटीदरी गांव में घंटों बंधक बने अधिकारी और अमीन, मौखिक दान की जमीन को लेकर है विवाद

गढ़वा के टाटीदीरी गांव में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों ने अंचल निरीक्षक और अमीन को घंटों बंधक बनाये रखा. इस दौरान सड़क को भी जाम कर दिया गया. मामले की जानकारी मिलते ही अंचलाधिकारी गांव पहुंचे. पानी निकासी समेत अन्य आश्वासन के बाद सभी को मुक्त किया गया.

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Jharkhand News: गढ़वा के धुरकी अंचल स्थित टाटीदीरी गांव में सोमवार को जमीन की मापी कराने गये अंचल निरीक्षक विभूति सिंह एवं अमीन इकबाल अंसारी को ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाये रखा. अधिकारी और अमीन को बंधक बनाने की जानकारी मिलने पर अंचलाधिकारी अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनकी भी गाड़ी को रोकते हुए अपनी मांगों को पूरा कराने पर अड़े रहे. इसके कारण शाम पांच बजे तक सभी बंधक बने रहे. बाद में आरोपी शंभू साव के घर के सामने रास्ता काटकर पानी निकासी की व्यवस्था करने के बाद ही सबको मुक्त किया गया.

क्या है मामला

टाटीदीरी बस स्टैंड में मंदिर के सामने करीब पांच डिसमिल जमीन बहुत पहले मौखिक रूप से दान में मिली थी. जिस जमीन में एक सार्वजनिक कुएं का निर्माण हुआ था. इसी जमीन को गांव के शंभू साह अपनी जमीन बताकर भवन निर्माण करा दिया है. जिसका विरोध ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में लिखित रूप से आवेदन देकर किया है. ग्रामीणों ने कहा है कि उक्त जमीन दान की है. जिसमें वे लोग बहुत पहले से दुर्गापूजा करते आ रहे हैं. उसी जमीन में नाटक मंचन भी दशकों से होता आया है, लेकिन शंभू साह द्वारा मलिकाना हक दिखाकर इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया है. साथ ही वे घर बनाने के दौरान जमीन को ऊंचा कर दिये जाने से जलजमाव हो जाने के कारण आवागमन में हो परेशानी की भी शिकायत की है.

ग्रामीणों का विरोध जारी

इसी आरोप के आलोक में सोमवार को अंचल निरीक्षक विभूति सिंह, अमीन इकबाल अंसारी और धुरकी थाना पुलिस के साथ जमीन की माफी करने पहुंचे थे. तीन डिसमिल जमीन जिसका प्लॉट 1951 एवं 1952 का दस्तावेज शंभू गुप्ता के पास उपलब्ध होने की बात कही गयी, लेकिन उस जमीन पर बना कुआं भी मकान के अंदर में ही हो गया है. जिसे ग्रामीणों ने अंचल निरीक्षक एवं आमीन से जमीन पर बने मकान के दरवाजे को तोड़कर कुआं का रास्ता खाली कराने को कहा. ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कुएं को व्यक्तिगत कब्जे से मुक्त नहीं कराया जायेगा, तब तक ग्रामीणों को विरोध जारी रहेगा. गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क को भी जाम कर दिया.

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पांच घंटे बाद अधिकारी और कर्मचारी को ग्रामीणों ने किया मुक्त

इसकी सूचना के बाद पहुंचे अंचलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने ग्रामीणों से बार-बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने. टाटीदीरी गांव और आसपास के इलाके में सोमवार को लगातार मूसलाधार बारिश में भी ग्रामीण सड़क पर जमे रहे. बाद में सीओ की उपस्थिति में उक्त सार्वजनिक स्थल पर रास्ता को काटकर पानी निकासी की व्यवस्था की गयी तथा कुएं को मुक्त कराये जाने का आश्वासन दिया गया. आश्वासन मिलने के बाद ही करीब पांच घंटे बाद अधिकारी और कर्मचारी को ग्रामीणों ने मुक्त किया.

मौखिक दान की जमीन को लेकर विवाद : सीआई

इस संबंध में अंचल निरीक्षक विभूति सिंह ने कहा कि वे लोग टाटीदीरी गांव में जमीन मापी करने आये थे. जिस जमीन को मापी करनी थी, उस जमीन को मापी किया, जिसमें तीन डिसमिल जमीन का दस्तावेज शंभू साह ने दिखाया. जबकि ग्रामीणों द्वारा दान से संबंधित कोई लिखित साक्ष्य नहीं दिखाए गये. ग्रामीण मौखिक रूप से इस जमीन को दान की बता रहे हैं. जिसे वे लोग मापी करने आये थे, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण अपनी मांग को लेकर उनलोगों को गांव में ही रोक दिया.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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