'मां का प्यार पैसे से नहीं खरीदा जा सकता', स्मृति ईरानी ने आखिर ऐसा क्यों कहा?

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स्मृति ईरानी, फोटो - इंस्टाग्राम

अभिनेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में मां बनने के अनुभव, वर्किंग मदर्स की जिम्मेदारियों और बच्चों के बड़े होने के बाद आने वाले बदलावों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि एक मां का सबसे बड़ा फर्ज अपने बच्चों को इतना काबिल बनाना है कि वे अपनी जिंदगी खुद संभाल सकें.

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टीवी के मशहूर शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में एक बार फिर तुलसी के किरदार में नजर आ रहीं अभिनेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इन दिनों अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने मां बनने के अनुभव, कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारियों और बच्चों के बड़े होने के बाद आने वाले बदलावों पर खुलकर बात की.

वर्किंग मदर्स की जिंदगी आसान नहीं होती

स्मृति ईरानी ने कहा कि कामकाजी महिलाओं की जिंदगी कई जिम्मेदारियों से भरी होती है. उन्हें ऑफिस के साथ-साथ घर, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों का भी ध्यान रखना पड़ता है. कई बार ऐसा होता है कि अपनी जरूरतों से पहले वे परिवार को प्राथमिकता देती हैं और रातों की नींद तक पूरी नहीं हो पाती. उनके मुताबिक, समय बीतने के बाद शायद हर छोटी बात याद न रहे, लेकिन यह एहसास हमेशा रहता है कि उन वर्षों में हर दिन कई जिम्मेदारियां एक साथ निभाई गई थीं.

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Smriti Irani On Motherhood: 'मां का असली इम्तिहान तब पूरा होता है..'

स्मृति ने कहा कि बच्चों की परवरिश का सबसे बड़ा उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. जब बच्चे अपने फैसले खुद लेने लगते हैं और उन्हें माता-पिता की जरूरत कम पड़ने लगती है, तभी एक मां का काम पूरा माना जा सकता है. हालांकि, यही सच सबसे ज्यादा भावुक भी कर देता है. उन्होंने कहा कि

माता-पिता पूरी जिंदगी बच्चों के भविष्य को संवारने में लगा देते हैं, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब बच्चे अपनी अलग दुनिया में व्यस्त हो जाते हैं. तब माता-पिता के पास यादें, तस्वीरें और कभी-कभार आने वाले संदेश ही रह जाते हैं.
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Smriti Irani On Women: स्मृति ईरानी ने बताया क्यों महिलाओं की भावनाएं उनकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं

स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं की संवेदनशीलता को अक्सर कमजोरी समझ लिया जाता है, जबकि यही गुण उन्हें हर मुश्किल परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहने की ताकत देता है. उन्होंने कहा कि यही भावनाएं महिलाओं को ईमानदारी से काम करने, चुनौतियों का सामना करने और हर बार नई शुरुआत करने का हौसला देती है. उन्होंने यह भी कहा कि धन से बहुत कुछ खरीदा जा सकता है, लेकिन एक मां का प्यार, समर्पण और धैर्य कभी खरीदा नहीं जा सकता.

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Smriti Irani Comeback: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में फिर निभा रहीं हैं 'तुलसी' का किरदार

वर्क फ्रंट की बात करें तो स्मृति ईरानी इन दिनों एक बार फिर लोकप्रिय टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के किरदार से दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं. लंबे समय बाद छोटे पर्दे पर उनकी वापसी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.

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