ePaper

शेखपुरा के अंतिम नवाब मंजूर हसन खान की बेटी थीं जैबुन निशा, कुमकुम बन कर दुनिया में बनायी पहचान

Updated at : 28 Jul 2020 6:36 PM (IST)
विज्ञापन
शेखपुरा के अंतिम नवाब मंजूर हसन खान की बेटी थीं जैबुन निशा, कुमकुम बन कर दुनिया में बनायी पहचान

शेखपुरा से रंजीत कुमार : फिल्मी दुनिया में बड़ी हस्ती कुमकुम कभी शेखपुरा जिले की लाडली जैबुन निशा बेगम के नाम से जानी जाती थीं. जैबुन निशा बेगम ने फिल्मी दुनिया में अपनी बड़ी बहन साबरा बेगम की मदद से कदम रखा था. कुमकुम की बड़ी बहन फिल्मी दुनिया में राधिका के नाम से जानी जाती हैं. मंगलवार को अचानक सोशल मीडिया के माध्यम से शेखपुरा में रह रहे परिजनों को कुमकुम के निधन की सूचना मिली. हुसैनाबाद के नवाब मंजूर हसन खान की पुत्री कुमकुम के निधन पर यहां शोक की लहर दौड़ गयी.

विज्ञापन

शेखपुरा से रंजीत कुमार : फिल्मी दुनिया में बड़ी हस्ती कुमकुम कभी शेखपुरा जिले की लाडली जैबुन निशा बेगम के नाम से जानी जाती थीं. जैबुन निशा बेगम ने फिल्मी दुनिया में अपनी बड़ी बहन साबरा बेगम की मदद से कदम रखा था. कुमकुम की बड़ी बहन फिल्मी दुनिया में राधिका के नाम से जानी जाती हैं. मंगलवार को अचानक सोशल मीडिया के माध्यम से शेखपुरा में रह रहे परिजनों को कुमकुम के निधन की सूचना मिली. हुसैनाबाद के नवाब मंजूर हसन खान की पुत्री कुमकुम के निधन पर यहां शोक की लहर दौड़ गयी.

नवाब के वंशज परिवार से आनेवाले सैय्यद असद रजा, सैय्यद कायम राजा, सैय्यद मुसी रजा फिल्म अदाकारा कुमकुम के भतीजे बताये जाते हैं. सैय्यद असद रजा ने बताया कि कुमकुम हमारी फुआ थी. उनका शेखपुरा से काफी जुड़ाव था. वे छह साल पहले भी हुसैनाबाद की बेसकीमती हवेली और मकुफे की मरम्मती के लिए राशि भेजी थी. मंगलवार को 60 के दशक की मशहूर अदाकारा का निधन मुंबई में हो गया. वे 86 वर्ष की थी. शेखपुरा के हुसैनाबाद की रहनेवाली कुमकुम का नाम यहां सभी की जुबान पर है.

undefined

कुमकुम जिले के हुसैनाबाद नवाब मंजूर हसन खान की पुत्री थी. जिले का नाम दुनिया में रोशन करनेवाली बेटी पर सभी को नाज है. जन्म के ढाई साल बाद ही वह मुंबई चली गयी थीं. स्कूली शिक्षा के बाद वह फिल्मी दुनिया में प्रवेश कर गयी. उन्होंने सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया. 1963 में रिलीज फिल्म ”गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो” उनकी सुपर हिट फिल्मों में से एक है. कुमकुम ने अपने जीवन काल में ‘मदर इंडिया’, ‘सन ऑफ इंडिया’, ‘कोहिनूर’, ‘राजा और रंक’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिका निभायी.

कुमकुम की मौत का खबर यहां आते ही शोक की लहर दौड़ गयी. हुसैनाबाद के नवाब खानदान के वारिस असद रजा अपनी फूफी को याद कर आंसू नहीं रोक पाये. उन्होंने बताया कि उनकी फूफी के निधन की जानकारी उन्हें परिवार के किसी रिश्तेदार से प्राप्त नहीं हुई. लगातार परिवार के कई सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है.

undefined

उन्होंने बताया कि हाल ही में दुबई से आने के बाद मुंबई में उनका इलाज चल रहा था. उन्होंने बताया कि कुमकुम हमेशा यहां के सभी लोगों का हालचाल लेती रहती थीं. कुछ साल पहले वह यहां आयी थीं. उस समय वह अपने घर और मकान को देख कर भावुक हो गयी थीं. हुसैनाबाद के अंतिम नवाब की पुत्री कुमकुम का जन्म 22 अप्रैल, 1934 में हुसैनाबाद में हुआ था. वे मृत्युपर्यंत यहां से संपर्क बना कर रखीं. उनके निधन की खबर पर जिलावासी मर्माहत हैं.

Posted By : Kaushal Kishor

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola