Film Review : फिल्‍म देखने से पहले जानें कैसी है ''पति पत्नी और वो''

By Prabhat Khabar Digital Desk
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II उर्मिला कोरी II

फ़िल्म : पति पत्नी और वो

निर्माता : टी सीरीज एंड बी आर फिल्म्स

निर्देशक : मुदस्सर अज़ीज़

कलाकार : कार्तिक आर्यन,भूमि पेंडेकर,अनन्या पांडे और अन्य

रेटिंग : साढ़े तीन

रीमेक फिल्मों के बढ़ते ट्रेंड में 'पति पत्नी और वो' 1978 में आयी संजीव कुमार की सुपरहिट फिल्म का रिमेक है।कहानी को आज के परिवेश में कहा गया है. कहानी पति पत्नी के रिश्ते में भरोसे के महत्व को समझाने के साथ साथ यह भी कहती है कि आदमी तो आदमी ही रहेगा. लेकिन अब हमारे समाज की महिलाएं ज्यादा समझदार हो गई हैं. अगर आदमी के पास हज़ार ऑप्शन्स हैं तो महिलाओं के पास उनसे एकाध ज़्यादा ही होंगे तो आदमी हद में रहे. उसी में समझदारी है.

फिल्म की कहानी कानपुर के चिंटू त्यागी (कार्तिक आर्यन) की है. हमेशा से पढ़ाई में फोकस करने वाले चिंटू की इंजीनियरिंग के बाद परिवार वालों की मर्जी से वेदिका (भूमि पेंडेकर) से शादी हो जाती है. आफिस से घर ,घर से आफिस यही उसकी जिंदगी बन जाता है.

चिंटू अपनी बोरिंग लाइफ में थोड़ा एंटरटेनमेंट लाने के लिए अपनी पत्नी के साथ साथ किसी अन्य महिला (अनन्या पांडे) के प्रेम में पड़ जाता है. फिर कहानी में झूठ फरेब की कहानी शुरू हो जाती है.वेदिका को जब चिंटू के अफेयर के बारे में मालूम होगा तो वो क्या करेगी. 1978 की फ़िल्म में विद्या सिन्हा के किरदार की तरह रोएगी या आज के दौर की महिलाओं की तरह सबक सिखाएगी.

यही आगे की कहानी है। इस कहानी को कॉमेडी के अंदाज़ में कहा गया है. जिससे कहानी में नयापन ना होने के बावजूद कहानी एंटेरटेनिंग लगती है. फ़िल्म का स्क्रीनप्ले चुस्त है।जो आपको पूरी फिल्म के दौरान ठहाके लगाने को मजबूर करता है. फ़िल्म क्लाइमेक्स हालांकि पहले से मालूम होता है लेकिन पर्दे पर जो भी घटित होता है.वो अच्छा लगता है।फ़िल्म मनोरंजन के साथ साथ मैसेज भी दे जाती है.

अभिनय की बात करें तो फिल्म में एक्टिंग सभी कलाकारों ने अच्छी की है.कार्तिक आर्यन छोटे शहर के युवा के झिझक,भोलेपन को अच्छे से जिया है.उनका मोनोलॉग दृश्य इस फ़िल्म में भी है. भूमि पेंडेकर लाजवाब रही है लेकिन अनन्या चौकाती है. दूसरी ही फ़िल्म में जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अपने किरदार को जिया है उसकी तारीफ होनी चाहिए. अपारशक्ति खुराना अपनी मौजूदगी से फ़िल्म में अलग ही रंग भरते हैं. अपार और कार्तिक की ट्यूनिंग जबरदस्त है. बाकी के सभी किरदार भी अच्छे बन पड़े हैं.

फ़िल्म के संवाद इसकी जान है जो बहुत चुटीले है जो पुरी फ़िल्म के दौरान आपको गुदगुदाते हैं हां लेकिन फिल्म के कई डायलॉग में धर्म और जातिवाद को लेकर कमेंट किया गया है. जो कई लोगों को अखर सकता है. फ़िल्म की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है. उत्तर प्रदेश की भाषा हो या जगहें या फिर वहां के किरदार फ़िल्म को और दिलचस्प बनाते हैं. कुलमिलाकर अगर आप हल्की फुल्की एंटेरटेनिंग फ़िल्म देखना चाहते हैं तो पति पत्नी और वो आपके लिए है.

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